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नरियरा नगर पंचायत में तथाकथित व्यक्ति द्वारा पत्रकारिता कलीग की आड में ब्लैकमेलिंग

नगर व आसपास के क्षेत्र में भय एवं दहशत का माहौल

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) | नरियरा नगर पंचायत से विशेष रिपोर्ट

जांजगीर जिले के नरियरा नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों पत्रकारिता की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि एक तथाकथित व्यक्ति द्वारा अपने आप को पत्रकार का कलीग बताकर और पहचान का दुरुपयोग करते हुए स्थानीय व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों को ब्लैकमेल किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असहजता का वातावरण बन गया है।

ब्लैकमेलिंग के जरिए बना रहे दबाव

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति खुद को तोपचंद बताकर विभिन्न विभागों में अनियमितताओं या कथित शिकायतों का हवाला देता है और फिर संबंधित लोगों से खबर प्रकाशित न करने के एवज में आर्थिक लाभ की मांग करता है। कई छोटे व्यापारी और ठेकेदार इस प्रकार के दबाव का सामना कर चुके हैं, हालांकि डर के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।

नगर में फैल रहा भय का माहौल

नरियरा एवं आसपास के क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियों से आमजन में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। लोग अब किसी भी पत्रकार से बातचीत करने में हिचकिचा रहे हैं, जिससे वास्तविक और ईमानदार पत्रकारों की छवि भी प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की गरिमा को गंभीर क्षति पहुंचेगी।

ईमानदार पत्रकारिता पर संकट

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में पारदर्शिता और जागरूकता लाना है। लेकिन जब कुछ लोग इस मंच का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाने लगते हैं, तो इससे पूरे पेशे की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से ही आमजन का विश्वास बहाल किया जा सकता है।:

नरियरा में सामने आ रहा यह मामला केवल एक व्यक्ति या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पत्रकारिता की मूल भावना पर सवाल खड़ा करता है। जरूरत है कि प्रशासन, पत्रकार संगठन और समाज मिलकर ऐसे तत्वों की पहचान करें और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएं।


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