स्थानांतरण आदेश के बावजूद शिवरीनारायण थाना से मोह नहीं छोड़ रहे प्रधान आरक्षक तरीकेश पांडे

जांजगीर-चांपा। जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में पदस्थ प्रधान आरक्षक तारिकेश पांडे इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद उनका लंबे समय से शिवरीनारायण थाना क्षेत्र से मोह नहीं छूट रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक तरीकेश पांडे मूलतः राहौद क्षेत्र के समीप स्थित अपने पैतृक ग्राम पकरीया के निवासी हैं, जो शिवरीनारायण एवं पामगढ़ थाना से महज 8-10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय निवासी होने के कारण उन्हें क्षेत्रीय सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों की अच्छी समझ है, लेकिन यही निकटता अब उनके लिए लंबे समय से एक तरह का प्रभाव (रसूख) बनाए रखने का माध्यम भी बन गई है।
बताया जा रहा है कि विगत कई वर्षों से एक ही थाना क्षेत्र में पदस्थ रहने के कारण उन्होंने स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। आमतौर पर पुलिस विभाग में समय-समय पर स्थानांतरण की प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है, ताकि निष्पक्षता बनी रहे और किसी भी प्रकार के स्थानीय प्रभाव से कार्यप्रणाली प्रभावित न हो। इसके बावजूद स्थानांतरण आदेश के पालन में देरी या अनदेखी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि थाना क्षेत्र में लंबे समय तक जमे रहने से उनके प्रभाव का दायरा बढ़ा है, जिससे कई मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर आमजन में संदेह की स्थिति भी बन रही है। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं, जानकारों का मानना है कि यदि स्थानांतरण आदेश के बाद भी कर्मचारियों का एक ही स्थान पर बने रहना जारी रहता है, तो इससे विभाग की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और आदेशों के पालन को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल, शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।








