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अकलतरा फोरलेन चौक तरौद पर NH-49 में अवैध कब्जे पर कब होगी कार्रवाई?

कलेक्टर के आदेश की उड़ रही धज्जियां, राजस्व अमले की निष्क्रियता पर सवाल

जांजगीर-चांपा। जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) स्थित फोरलेन चौक तरौद इन दिनों अवैध कब्जों की वजह से सुर्खियों में है। प्रशासनिक सख्ती के दावों के बावजूद यहां खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है और जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चौक के आसपास बिजली खंभों के बीच अस्थायी शेड बनाकर कब्जा कर लिया गया है। यह न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह के अतिक्रमण से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कलेक्टर के आदेश का नहीं हो रहा पालन

बताया जा रहा है कि जिले में अवैध कब्जों को हटाने के लिए कलेक्टर द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन अकलतरा क्षेत्र में इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। फोरलेन चौक जैसे संवेदनशील स्थान पर अतिक्रमण का बने रहना प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर सवाल खड़ा करता है।

राजस्व अमले की निष्क्रियता से बढ़े हौसले

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्व विभाग का अमला इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। कार्रवाई न होने से अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे बेखौफ होकर सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रहे हैं।

जांच अधिकारी की भूमिका संदिग्ध

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि जांच अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सूत्रों का दावा है कि संबंधित अधिकारी ही कब्जाधारियों को संरक्षण दे रहे हैं और उन्हें अस्थायी रूप से कब्जा बनाए रखने की सलाह देते हैं। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता मानी जाएगी।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

बिजली खंभों के बीच बनाए गए शेड और अवैध निर्माण से सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच यह स्थिति बेहद खतरनाक बन चुकी है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

जनता की मांग: तत्काल हटे अतिक्रमण

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन चौक तरौद से सभी अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने, इसके लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन इस गंभीर मामले में कब जागेगा और NH-49 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित बनाएगा।


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