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महिला सैनिक की शिकायत पर जांच में बड़ा खुलासा

कालआउट प्रभारी सैनिक राजेश तिवारी पर लगाए गए आरोप जांच में झूठे पाए गए

महिला सैनिक की शिकायत पर पुलिस ने की जांच: सत्यापित जांच रिपोर्ट में आरोप निराधार; झूठी शिकायत के मामले में कार्रवाई की तैयारी

जांजगीर-चांपा। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी कार्यालय जांजगीर-चांपा ने महिला सैनिक की शिकायत और उससे जुड़े आरोपों को लेकर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। कार्यालय में कार्यरत महिला सैनिक क्रमांक 334 भीगी दुबे द्वारा कार्यालय में कार्यरत कालआउट प्रभारी सैनिक क्रमांक 188 राजेश तिवारी पर प्रताड़ना एवं शारीरिक शोषण के आरोप लगाए जाने के बाद मामले की जांच कराई गई थी। अब विभागीय जांच में महिला सैनिक द्वारा लगाए गए आरोप झूठे पाए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक महिला सैनिक ने 10 अप्रैल 2026 को सैनिक क्रमांक 188 राजेश तिवारी के खिलाफ प्रताड़ित करने तथा शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा महिला थाना जांजगीर-चांपा के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को लेकर उस समय मामला चर्चा में भी आया था और इसे समाचार पत्रों में स्थान दिया गया था।

महिला थाना में हुई शिकायत की जांच

विभागीय द्वारा बताया गया है कि उक्त शिकायत के संबंध में महिला थाना जांजगीर-चांपा में जांच की गई और इसकी जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत की गई। जांच रिपोर्ट की सत्यापित प्रति पुलिस कार्यालय से प्राप्त होने के बाद विभाग के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि महिला सैनिक 334 भीगी दुबे द्वारा सैनिक 188 राजेश तिवारी के विरुद्ध की गई शिकायत/आरोप झूठा पाया गया है।

यानी जिस शिकायत में राजेश तिवारी पर महिला सैनिक को प्रताड़ित करने और शारीरिक शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, पुलिस जांच के बाद विभागीय रिकॉर्ड में उन आरोपों को गलत बताया गया है।

अब झूठी शिकायत पर कार्रवाई की तैयारी

विभागीय जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सैनिक क्रमांक 188 राजेश तिवारी द्वारा जिला सेनानी कार्यालय में महिला सैनिक के खिलाफ झूठी शिकायत किए जाने के संबंध में कार्रवाई हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मामले ने लिया नया मोड़

इस पूरे घटनाक्रम में अब मामला एक अलग दिशा में जाता दिखाई दे रहा है। प्रारंभ में महिला सैनिक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण मामला संवेदनशील बना था, लेकिन विभाग द्वारा जारी पुलिस जांच में आरोपों को झूठा बताया गया है।

ऐसे में अब सवाल यह है कि शिकायत में लगाए गए आरोप किन परिस्थितियों में सामने आए और जांच के दौरान वे किस आधार पर असत्य पाए गए। वहीं, झूठी शिकायत के आरोप में अब महिला सैनिक के खिलाफ क्या विभागीय या अन्य कानूनी कार्रवाई की जाती है, यह आगामी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

विभाग ने जारी की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति

जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी, जांजगीर-चांपा कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। प्रेस विज्ञप्ति की प्रतिलिपि सहायक संचालक, जिला जनसंपर्क जांजगीर-चांपा तथा समस्त संपादक दैनिक/साप्ताहिक समाचार पत्रों एवं वेब पोर्टलों में निःशुल्क प्रकाशन के लिए भेजे जाने का भी उल्लेख है।


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