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राशन दुकान में ‘आखिरी तारीख’ का खेल? हितग्राहियों से महामाया स्वसहायता समूह की अध्यक्षा के दुर्व्यवहार पर उठे रहे सवाल

माह के अंतिम दिनों में वितरण से बढ़ती भीड़ और विवाद की स्थिति का आरोप, जिला खाद्य अधिकारी से जांच व कार्रवाई की मांग

बनाहिल/अकलतरा। शासकीय उचित मूल्य दुकान बनाहिल के संचालन को लेकर हितग्राहियों में नाराजगी सामने आ रही है। दुकान का संचालन कर रहे महामाया स्वसहायता समूह 01 की अध्यक्षा के व्यवहार एवं राशन वितरण की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दुकान में राशन लेने पहुंचने वाले हितग्राहियों के साथ कई बार दुर्व्यवहार किया जाता है, जिससे विवाद की स्थिति निर्मित होती है।

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि माह के अंतिम दिनों में जानबूझकर राशन वितरण किया जाता है, जिसके कारण बड़ी संख्या में हितग्राही एक साथ दुकान पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के साथ ही अव्यवस्था और आपसी विवाद की स्थिति पैदा होने की बात कही गई है। हितग्राहियों का कहना है कि यदि पूरे माह निर्धारित व्यवस्था के तहत नियमित रूप से राशन वितरण किया जाए तो अंतिम दिनों में होने वाली भीड़ और परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

बुजुर्गों और महिलाओं को भी परेशानी का आरोप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार उचित मूल्य दुकान पर राशन लेने पहुंचने वाले हितग्राहियों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग एवं जरूरतमंद परिवार शामिल होते हैं। ऐसे में दुकान संचालक की ओर से सम्मानजनक व्यवहार और स्पष्ट जानकारी मिलना बेहद आवश्यक है। आरोप है कि कथित दुर्व्यवहार के कारण कई हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वितरण व्यवस्था पर भी उठे सवाल

शिकायत में राशन वितरण की वास्तविक स्थिति की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने खाद्य विभाग से ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर तथा माहवार राशन वितरण की तारीखों की जांच कराने की मांग की है। इससे यह स्पष्ट हो सकता है कि पूरे माह किस प्रकार राशन का वितरण किया गया और अंतिम दिनों में कितने हितग्राहियों को राशन दिया गया।

कलेक्टर एवं जिला खाद्य अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

मामले को लेकर जिला खाद्य अधिकारी के नाम शिकायत आवेदन प्रस्तुत कर उचित मूल्य दुकान की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की गई है।

उचित मूल्य दुकानें शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जहां गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में हितग्राहियों को समय पर राशन मिलना और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन अथवा खाद्य विभाग द्वारा बनाहिल उचित मूल्य दुकान की वितरण व्यवस्था और कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की कितनी गंभीरता से जांच

की जाती है।



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