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कलेक्टर जन्मेजय महोबे की निष्पक्षता पर जनता ने फिर जताया भरोसा

दुर्व्यवहारी अधिकारी पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई से प्रशासनिक व्यवस्था में बढ़ा विश्वास

जन्मेजय महोबे की कार्यशैली एक बार फिर जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) शशांक सिंह द्वारा एसडीएम कार्यालय के चालक के साथ किए गए कथित अशोभनीय व्यवहार एवं अभद्र भाषा के ऑडियो वायरल होने के बाद जिस तेजी और निष्पक्षता के साथ कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लिया, उससे आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

जांजगीर जिले में बीते कुछ समय से यह धारणा बनती जा रही थी कि विभागीय मामलों में अक्सर लीपापोती कर अधिकारियों को बचा लिया जाता है तथा छोटे कर्मचारियों की शिकायतें दबा दी जाती हैं। लेकिन इस प्रकरण में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बिना किसी पक्षपात के तत्काल जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही उसे विभागीय कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया गया, जिससे यह संदेश गया कि प्रशासनिक मर्यादा और अनुशासन से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिले के आम नागरिकों, कर्मचारियों एवं सामाजिक संगठनों के बीच यह चर्चा है कि यदि वायरल ऑडियो सामने नहीं आता तो संभवतः मामला दबाने का प्रयास किया जाता, क्योंकि संबंधित अधिकारी की विभागीय पकड़ और प्रभाव को लेकर पहले से चर्चाएं होती रही हैं। बावजूद इसके, कलेक्टर महोबे ने निष्पक्षता का परिचय देते हुए यह साबित किया कि कानून और प्रशासनिक व्यवस्था सभी के लिए समान है।

सूत्रों के अनुसार, जल संसाधन विभाग में पदस्थ ईई शशांक सिंह के व्यवहार को लेकर पूर्व में भी कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। विभागीय कर्मचारियों के बीच उनके व्यवहार को लेकर असंतोष की बातें अक्सर सुनने को मिलती थीं। ऐसे में इस मामले में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को कर्मचारी वर्ग भी सकारात्मक रूप से देख रहा है।

जिले के प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि कलेक्टर जन्मेजय महोबे की यह कार्यशैली प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने वाली है। आमजन का कहना है कि जब जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी बिना दबाव और प्रभाव के निष्पक्ष निर्णय लेता है, तब शासन-प्रशासन के प्रति जनता का भरोसा स्वतः बढ़ता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जांजगीर जिले में प्रशासन अब शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे की त्वरित पहल और निष्पक्ष रवैये की जिलेभर में सराहना की जा रही है।


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