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शिवरीनारायण थाने में जमे प्रधान आरक्षक पर उठे सवाल, स्थानांतरण के बाद भी नहीं छोड़ा क्षेत्रअवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के लग रहे आरोप

जांजगीर-चांपा। जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लंबे समय से एक ही क्षेत्र में जमे उक्त प्रधान आरक्षक पर न केवल अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं, बल्कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद अपनी पोस्टिंग यथावत बनाए रखने को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सूत्रों के अनुसार संबंधित प्रधान आरक्षक का प्रभाव क्षेत्र में इतना मजबूत बताया जा रहा है कि प्रशासनिक आदेश भी उन पर बेअसर नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनका स्थानांतरण होने के बाद भी उन्होंने रसूख और पहुंच के दम पर पुनः उसी क्षेत्र में अपनी पदस्थापना सुनिश्चित करा ली और पूरे शिवरीनारायण नगर में फटाके फोड़े। इससे स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि प्रधान आरक्षक के संरक्षण में थाना क्षेत्र में अवैध कारोबारों को अप्रत्यक्ष बढ़ावा मिल रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में जमे रहने के कारण उन्होंने स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया है, जिसका असर पुलिसिंग पर भी दिखाई देने लगा है।

मामले को लेकर एसडीओपी श्रीमती सतरूपा तारम से फोन पर शिकायत किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि शिकायत के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच यह चर्चा आम है कि यदि शिकायतों पर निष्पक्ष जांच हो, तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

एक और महत्वपूर्ण पहलू यह भी बताया जा रहा है कि संबंधित प्रधान आरक्षक का पैतृक निवास उनके पदस्थ थाना क्षेत्र से महज लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ और प्रभाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस विभाग में सामान्यतः लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में पदस्थापना को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते रहे हैं, और यह मामला भी उसी दिशा में देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस विभाग समय रहते मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कदम नहीं उठाता, तो आम जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है। नागरिकों ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है, ताकि थाना क्षेत्र में निष्पक्ष कानून व्यवस्था कायम रह सके।


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