प्रशिक्षण से लौटते ही एक्शन मोड में आए एसपी विजय पांडे
करही गोलीकांड की जांच में ठंडी दिख रही साइबर टीम हुई फिर एक्टिव

जांजगीर-चांपा जिले में लंबे समय से अपनी सख्त कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता और अपराधियों के खिलाफ आक्रामक रणनीति के लिए पहचान रखने वाले विजय पांडे के प्रशिक्षण से वापस लौटते ही जिले की पुलिस व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आने लगी है। विशेषकर विगत एक माह से अपेक्षाकृत धीमी पड़ी साइबर शाखा में अचानक तेजी देखने को मिल रही है।
हाल ही में बिर्रा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड मामले को लेकर जिलेभर में लगातार चर्चा बनी हुई है। घटना के बाद पुलिस द्वारा कई स्तरों पर जांच शुरू की गई थी, लेकिन अब तक साइबर टीम को कोई बड़ा एवं ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया था। ऐसे में एसपी विजय पांडे के वापस लौटने के बाद पीड़ित परिवार सहित आम लोगों में न्याय की नई उम्मीद जागी है।
करही गोलीकांड की जांच अब सीधे एसपी के मॉनिटरिंग में
सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण से लौटते ही एसपी विजय पांडे ने करही गोलीकांड मामले की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं साइबर सेल से जांच की दिशा और अब तक की प्रगति पर गहन चर्चा की। बताया जा रहा है कि उन्होंने मामले में तकनीकी जांच को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियां, संदिग्ध व्यक्तियों की मूवमेंट तथा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से अब नए सिरे से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। साइबर टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर छोटी से छोटी जानकारी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विश्लेषण किया जाए।
“ऑपरेशन मोड” में काम करने के लिए पहचाने जाते हैं एसपी विजय पांडे
जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी विजय पांडे की अलग कार्यशैली मानी जाती है। वे अक्सर अचानक निरीक्षण, रात्रि पेट्रोलिंग, संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनिटरिंग तथा थाना स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए जाने जाते हैं। इसी तारतम्य में करही गांव गोलीकांड को लेकर मामले की गंभीरता को देखते हुए "ऑपरेशन हंट" लांच किया है।
पुलिस विभाग के भीतर भी उनकी पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में है जो पूरे जिले की पुलिस व्यवस्था को 24 घंटे एक्टिव मोड में रखने का प्रयास करते हैं। अपराधियों के खिलाफ लगातार दबाव बनाए रखना, टीमवर्क के माध्यम से कार्रवाई करना तथा तकनीकी जांच को प्राथमिकता देना उनकी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा माना जाता है।
कई बड़े अपराधियों की गिरफ्तारी में मिल चुकी सफलता
जिले में पूर्व में हुए कई गंभीर अपराधों, फरार आरोपियों एवं खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी में भी एसपी विजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस को सफलता मिल चुकी है। हत्या, लूट, अवैध कारोबार, संगठित अपराध एवं फरार आरोपियों की धरपकड़ को लेकर उनके नेतृत्व में कई अभियान संचालित किए गए, जिनमें पुलिस को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।
इसी वजह से करही गोलीकांड मामले में भी लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना बड़ी चुनौती
करही गांव में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल देखा गया था। ऐसे में पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले के खुलासे का दबाव लगातार बना हुआ है।
अब जबकि स्वयं एसपी विजय पांडे ने मामले की कमान संभाल ली है, जिलेभर की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिक गई है। आने वाले दिनों में साइबर इनपुट, तकनीकी साक्ष्य और पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है।







