केवा के अवैध रेत घाट में दिनदहाड़े अवैध रेत उत्खनन, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
विभागीय संलिप्तता की जताई जा रही आशंका

जांजगीर-चांपा। जिले के केवा स्थित अवैध रेत घाट में अवैध रेत उत्खनन का खेल एक बार फिर खुलेआम जारी है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों और अवैध खनन के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े भारी मशीनों के साथ अवैध उत्खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो और वीडियो में मौके पर लगभग 5 जेसीबी, 11 हाइवा तथा 3 ट्रैक्टर अवैध उत्खनन और परिवहन में लगे दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार केवा घाट में लंबे समय से अवैध रेत खनन का कारोबार संचालित हो रहा है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी गतिविधियां और अधिक तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह से लेकर देर रात तक रेत से भरे भारी वाहन घाट से लगातार निकलते रहते हैं, जिससे न केवल शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि क्षेत्र की सड़कों और पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार खनिज विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को फोटो एवं वीडियो साक्ष्य के साथ शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। आरोप है कि छोटे स्तर पर दो चार वाहन पकड़कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि बड़े स्तर पर संचालित अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही। यही वजह है कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि बिना खनिज विभाग के संरक्षण से इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन संभव नहीं हो सकता। जिस प्रकार भारी मशीनें और दर्जनों वाहन खुलेआम घाट में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, उससे विभागीय संलिप्तता की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार नदी से अनियंत्रित रेत उत्खनन से जलस्तर प्रभावित होता है, नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता है तथा आसपास के क्षेत्रों में कटाव का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों के कारण ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी लगातार खराब हो रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इधर क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि केवा घाट में तत्काल संयुक्त कार्रवाई कर अवैध उत्खनन में प्रयुक्त मशीनों और वाहनों को जब्त किया जाए तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो जिले में अवैध रेत कारोबार और अधिक बेलगाम हो जाएगा।








