लड़की की आवाज में बात... शादी का झांसा... और फिर लाखों की साइबर ठगी!
साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने कसा साइबर अपराधियों पर शिकंजा: दो शातिर आरोपी गिरफ्तार
‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के नाम पर कई जिलों में फैला था ठगी का नेटवर्क

जांजगीर-चांपा। शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने तकनीक का इस्तेमाल कर लड़की की आवाज निकालकर विवाह योग्य युवती से रिश्ता कराने का भरोसा दिलाया और फिर अलग-अलग बहानों से लोगों से रकम ऐंठते रहे। पुलिस की जांच में इस गिरोह का संपर्क कवर्धा, रायपुर, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद सहित कई जिलों के लोगों से जुड़ी साइबर ठगी की शिकायतों से सामने आया है।
इस पूरे मामले में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त जानकारी को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। कार्रवाई को साइबर अपराधों के खिलाफ तकनीकी दक्षता और प्रभावी पुलिसिंग का उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।
एक छोटी सी रकम ने खोला ठगी के बड़े नेटवर्क का राज
मामले का खुलासा शिकायतकर्ता अजय राठौर की शिकायत से हुआ। उन्होंने 15 अगस्त 2026 को साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 अगस्त को एक व्यक्ति उनके पास पहुंचा और तत्काल अस्पताल जाने के लिए नगद राशि की आवश्यकता बताते हुए फोन-पे के माध्यम से ₹2,000 भेजकर बदले में नगद रकम देने का आग्रह किया। भरोसे में आकर अजय राठौर ने उसके खाते में आई रकम के बदले नगद राशि दे दी।
लेकिन कुछ दिनों बाद उनके बैंक खाते पर होल्ड लगा दिया गया। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके खाते में आई ₹2,000 की रकम साइबर ठगी से संबंधित थी। यह रकम सोनू साहू की UPI आईडी से ट्रांसफर की गई थी। साइबर क्राइम पोर्टल पर भी उक्त राशि के संबंध में शिकायत दर्ज मिली।
इसके बाद साइबर थाना में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत धारा 318(4), 61(2), 317(4), 317(5), 323, 336(4) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच ने आरोपियों तक पहुंचाया
साइबर थाना पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त मोबाइल नंबरों, बैंकिंग लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच में संदिग्ध गतिविधियों का संबंध लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू और सोनू साहू से सामने आया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में अपराध में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने विधिवत मेमोरेण्डम कथन दर्ज किया और अपराध में इस्तेमाल सामग्री जब्त की।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैटिंग से संबंधित सामग्री, हेडफोन/ब्लूटूथ डिवाइस तथा ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के फ्लेक्सी/पंपलेट जब्त किए हैं।
हेडफोन लगाकर बनते थे ‘लड़की’, फिर शुरू होता था विश्वास का खेल
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2025 से ही एक सुनियोजित तरीके से लोगों को शादी के नाम पर ठग रहे थे। आरोपी ब्लूटूथ डिवाइस एवं हेडफोन की मदद से लड़की की आवाज निकालकर सामने वाले व्यक्ति से बातचीत करते थे।
इसके बाद विवाह अथवा रिश्ता कराने का भरोसा दिलाकर लोगों से अलग-अलग कारणों से रकम ली जाती थी। रकम खाते में आने के बाद आरोपियों द्वारा संबंधित व्यक्ति से संपर्क तोड़ दिया जाता था।
इस तरह तकनीक, फर्जी पहचान और शादी के रिश्ते की तलाश कर रहे लोगों के विश्वास को हथियार बनाकर ठगी का खेल लंबे समय से चलाया जा रहा था।
कई जिलों में फैला था ठगी का जाल
साइबर क्राइम पोर्टल और बैंक खातों की जांच के दौरान आरोपियों के खातों से जुड़ी कई अन्य शिकायतें भी पुलिस के सामने आईं।
जांच में कौशल साहू द्वारा शादी के लिए रिश्ता भेजने के नाम पर ठगी की शिकायत सामने आई, जिसमें ठगी की रकम आरोपी लक्ष्मीनारायण साहू के बैंक खाते में पहुंचना पाया गया।
इसी प्रकार दीपक कुमार साहू द्वारा भी शादी के लिए रिश्ता दिलाने के नाम पर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसकी ठगी की राशि भी आरोपी के बैंक खाते में क्रेडिट होना पाया गया।
वहीं कवर्धा जिले के रमेश साहू से शादी के लिए रिश्ता दिलाने के नाम पर ठगी की गई। इस मामले में UPI के माध्यम से भुगतान की गई रकम आरोपी के भांजे सोनू साहू के खाते में पहुंची और बाद में वही राशि प्रकरण के शिकायतकर्ता अजय राठौर के खाते में क्रेडिट हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर अन्य चार शिकायतें भी दर्ज हैं। इसके अलावा बैंक खातों की विस्तृत जांच में शिकायतों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। आरोपियों की मोबाइल चैटिंग की जांच में ऐसे कई अन्य लोगों से संपर्क और लेनदेन के संकेत मिले हैं, जिन्होंने संभवतः अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा की टीम की अहम भूमिका
इस पूरे मामले में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा की रणनीतिक एवं तकनीकी जांच की विशेष सराहना की जा रही है। महज ₹2,000 की एक संदिग्ध बैंकिंग एंट्री से शुरू हुई जांच को बैंकिंग ट्रेल, मोबाइल नंबर, तकनीकी साक्ष्य, व्हाट्सऐप चैटिंग और साइबर क्राइम पोर्टल की शिकायतों से जोड़ते हुए पुलिस ने कथित तौर पर एक बड़े ठगी नेटवर्क की परतें खोल दीं।
निरीक्षक भास्कर शर्मा के नेतृत्व में टीम ने न केवल तत्काल शिकायत पर कार्रवाई की, बल्कि रकम के लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर उन आरोपियों तक पहुंच बनाई, जो शादी जैसे संवेदनशील विषय का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि साइबर अपराधी कितनी भी सावधानी से डिजिटल निशान मिटाने का प्रयास करें, तकनीकी जांच के जरिए पुलिस उन तक पहुंच सकती है।

दो आरोपी न्यायिक रिमांड पर
अपराध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपी—
1. लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू (26 वर्ष)
निवासी ग्राम अमोदा, वार्ड क्रमांक 01, थाना नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा।
हाल पता—शारदा चौक, रामगोपाल चौरसिया का मकान, जांजगीर-चांपा।
2. सोनू साहू (20 वर्ष)
पिता—जयराम साहू, निवासी बेलदारपारा, चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।
पुलिस की अपील—शादी के ऑनलाइन रिश्तों में रहें सतर्क
यह मामला उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या ऑनलाइन माध्यमों से शादी के लिए रिश्ता तलाशते हैं। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा रिश्ता तय कराने, लड़की या लड़के से मिलाने अथवा किसी पारिवारिक/चिकित्सकीय आपात स्थिति का हवाला देकर रकम मांगे जाने पर बिना सत्यापन भुगतान नहीं करना चाहिए। संदिग्ध बैंक लेनदेन अथवा ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल बैंक और साइबर पुलिस को सूचना देना जरूरी है।
सराहनीय योगदान: इस संपूर्ण कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सउनि विवेक सिंह तथा आरक्षक गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, माखन साहू एवं शाहबाज खान का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।








