बनाहिल में नलजल योजना में वाहवाही लूटने वालों "शर्म करो"
एक टाइम चार बाल्टी पानी उसके बाद जिम्मेदारी खत्म
वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित मोहल्ले वासी बेबस

जांजगीर-चांपा | अकलतरा क्षेत्र
जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनाहिल में केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। गांव के एक प्रभावित मोहल्ले के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रतिदिन मात्र एक बार, वह भी सिर्फ “चार बाल्टी पानी” के लिए ही जल आपूर्ति की जा रही है, जिसके बाद लाइन बंद कर दी जाती है। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
“चार बाल्टी पानी से कैसे चलेगा गुजारा?”
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह एक बार नल चालू किया जाता है, लेकिन पानी की सप्लाई इतनी कम और सीमित समय के लिए होती है कि एक परिवार को मुश्किल से चार बाल्टी पानी ही मिल पाता है। इसके बाद पूरे दिन पानी के लिए जूझना पड़ता है। गर्मी के इस मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
वोट की राजनीति का आरोप
सूत्रों के अनुसार, प्रभावित मोहल्ले के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले चुनाव में वोट न देने का “दंश” झेलना पड़ रहा है। यदि यह आरोप सही है, तो यह प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। प्रभावित मोहल्ले के ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा को राजनीति से जोड़ना बेहद शर्मनाक है।
पहले वाहवाही, अब हकीकत सामने
गौरतलब है कि कुछ हफ्ते पहले PHE विभाग (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) के अधिकारियों द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पीने के पानी की समस्या से निजात की सफलता के दावे किए गए थे। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ कागजों और प्रचार में योजना सफल दिखाई जा रही है, जबकि वास्तविकता में विशेष प्रभावित मोहल्ले के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
प्रभावित मोहल्ले में बढ़ती परेशानी
इस मोहल्ले में रहने वाले परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों—पीने, खाना बनाने और साफ-सफाई—के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कई परिवारों को दूर-दराज के हैंडपंप या अन्य स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, प्रभावित मोहल्ले के परिवार बच्चों सहित 2 किलोमीटर दूर नहर में नहाने जा रहे हैं जिससे नहर में बच्चों के डूबने की भी संभावनाएं देखी जा रही है। महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रशासन से उम्मीद
प्रभावित मोहल्ले के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। प्रभावित मोहल्ले के ग्रामीणों का कहना है कि:
जल आपूर्ति का समय और मात्रा बढ़ाई जाए
प्रभावित मोहल्लों में जरूरत के हिसाब से पानी उपलब्ध कराया जाए
यदि कोई लापरवाही या भेदभाव हो रहा है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रभावित मोहल्ले के ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पानी की कमी तकनीकी कारणों से है या वास्तव में किसी प्रकार का भेदभाव किया जा रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और बनाहिल के ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।








