उद्योगपति भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पर स्वयं खड़ा होकर रामसागर डेम में कथित अवैध उत्खनन का विडियो हो रहा वायरल
मामला पहुंचा कलेक्ट्रेट
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
जिले में भाजपा की छवि हो रही धूमिल

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़पार (कापन) स्थित रामसागर डेम एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला भाजपा नेता अमर सुल्तानिया से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिन पर ग्रामीणों ने डेम क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी उत्खनन कराने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर जांजगीर-चांपा से करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि पिछले कई महीनों से रामसागर डेम क्षेत्र में लगातार मिट्टी उत्खनन कराया जा रहा है। आरोप है कि भारी मशीनों और हाईवा वाहनों के माध्यम से डेम की मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे डेम की संरचना एवं आसपास बनी डब्ल्यूबीएम सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में डेम की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार 18 मई की रात लगभग 10 बजे जब कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां चेन माउंटेन मशीन एवं तीन हाईवा वाहनों से मिट्टी उत्खनन जारी था। आरोप लगाया गया है कि उस दौरान भाजपा नेता अमर सुल्तानिया स्वयं मौके पर मौजूद थे और पूरे कार्य की निगरानी कर रहे थे। ग्रामीणों ने दावा किया कि जब उन्होंने इस कार्य का विरोध किया तो उन्हें कथित रूप से धमकाया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि स्वयं को प्रदेश स्तर का बड़ा नेता एवं मुख्यमंत्री का करीबी बताते हुए कार्रवाई न होने की बात कही गई।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को झूठे मामलों में फंसाने एवं जान से मरवाने तक की धमकी दी गई। इससे गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस अवैध गतिविधि का विरोध कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत पत्र में यह भी बताया गया कि इस संबंध में पूर्व में 09 जनवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) अकलतरा को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद कथित अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि जब इस मामले पर एसडीम सुमित बघेल से बात हुई तो उन्होंने कहा कि जल्द ही मामले को संज्ञान में लेकर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनिज उत्खनन के इस मामले में अचम्भा वाली बात ये सामने आ रही है कि शिकायत 9 जनवरी 2026 को दिया गया और जब मामले में प्रत्यक्ष वीडियो वायरल हुआ तो 1 मई 2026 के डेट में ग्राम पंचायत सरपंच का NOC पत्र जारी दिखाई दे रहा है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि रामसागर डेम में चल रहे कथित अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, एसडीएम अकलतरा एवं नैला पुलिस चौकी को भी भेजी गई है।
गौरतलब है कि स्थानीय स्तर पर भाजपा नेता अमर सुल्तानिया का नाम इससे पहले भी विवादों में सामने आता रहा है। सूत्रों के अनुसार बनारी स्थित उनके प्लांट के पास प्राकृतिक नाले की दिशा मोड़कर जमीन कब्जाने के आरोप भी समय-समय पर उठते रहे हैं। हालांकि इस मामले की कोई आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन यदि जांच में इन आरोपों में सच्चाई सामने आती है तो यह जिले में भाजपा सरकार की छवि पर बड़ा राजनीतिक असर डाल सकता है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।







