अकलतरा में कार्रवाई नहीं, दूसरे वृत्त में फोटो खिंचाने पहुंच रहे आबकारी प्रभारी!
अपने क्षेत्र में अवैध शराब पर अंकुश लगाने में नाकामी के लग रहे आरोप: दूसरे वृत्त की कार्रवाई में फोटो खिंचाने में दिख रहे सक्रिय

जांजगीर-चांपा। जिले के अकलतरा आबकारी वृत्त में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में शराबखोरी और अवैध गतिविधियों को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अकलतरा आबकारी वृत्त के प्रभारी अपने क्षेत्र में कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहने के बजाय दूसरे आबकारी वृत्त में हुई कार्रवाई के दौरान फोटो खिंचाने पहुंच रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।
मामला तब और दिलचस्प हो जाता है, जब दूसरे आबकारी वृत्त में हाल ही में हुई दो अलग-अलग कार्रवाई के दौरान आरोपी अज्ञात बताया गया। इन दोनों कार्रवाइयों में अकलतरा आबकारी वृत्त के प्रभारी सहित आबकारी अमले की मौजूदगी और फोटो खिंचाने की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। सवाल यह है कि जब कार्रवाई दूसरे वृत्त की थी, तो अकलतरा वृत्त का वहां किस भूमिका में पहुंचा था? क्या विभागीय सहयोग के लिए या फिर कार्रवाई की तस्वीरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अकलतरा आबकारी वृत्त के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री और शराबखोरी को लेकर लगातार शिकायतें उठती रही हैं। ऐसे में क्षेत्रवासियों को उम्मीद रहती है कि आबकारी विभाग अपने कार्यक्षेत्र में सक्रियता दिखाएगा और अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करेगा। लेकिन जब अपने क्षेत्र में ठोस कार्रवाई की अपेक्षा हो और अधिकारी दूसरे वृत्त की कार्रवाई में तस्वीरें खिंचवाते नजर आएं, तो विभाग की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
फोटो में सक्रियता या धरातल पर कार्रवाई?
आबकारी विभाग का मूल दायित्व अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाना तथा संबंधित आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करना है। केवल कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी वाली तस्वीरें सामने आने से विभाग की उपलब्धियां साबित नहीं होतीं। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगे और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध ठोस कानूनी कार्रवाई हो।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अकलतरा आबकारी वृत्त के प्रभारी अपने क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध कितनी कार्रवाई कर रहे हैं? दूसरे वृत्त की कार्रवाई में शामिल होने और तस्वीरों में नजर आने के बजाय क्या वे अपने कार्यक्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान देंगे? साथ ही, जिन दो कार्रवाइयों में आरोपी अज्ञात बताए गए हैं, उनमें आरोपियों की पहचान और आगे की जांच की स्थिति क्या है?
फिलहाल अकलतरा क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्यशैली चर्चा और सवालों के घेरे में है। अब देखना होगा कि जिला आबकारी विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अकलतरा वृत्त की कार्रवाई का रिकॉर्ड खंगालता है या फिर विभागीय सक्रियता केवल कार्रवाई की तस्वीरों तक ही सीमित रह जाती है।








