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स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने मणिकंचन केंद्र पहुंचे कलेक्टर जन्मेजय महोबे

वार्ड क्रमांक 04 में एसएलआरएम मणिकंचन केंद्र का किया निरीक्षण, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर दिया जोर

स्वच्छता दीदियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, ग्लव्स-मास्क सहित सुरक्षात्मक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

जांजगीर-चांपा, 01 सितंबर 2026। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 04 स्थित एसएलआरएम मणिकंचन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित कचरा संग्रहण, पृथक्करण, सेग्रीगेशन तथा निस्तारण की पूरी व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

गीले और सूखे कचरे का हो अनिवार्य पृथक्करण

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री महोबे ने विशेष रूप से गीले एवं सूखे कचरे के पृथक-पृथक संग्रहण और व्यवस्थित सेग्रीगेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को केवल कचरा उठाने तक सीमित न रखते हुए कचरे का सही तरीके से पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घरों, दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को स्रोत स्तर पर ही अलग-अलग श्रेणियों में रखने के लिए नागरिकों एवं व्यापारियों को लगातार जागरूक किया जाए। इसके लिए नगर पालिका की टीम द्वारा नियमित जनजागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को कचरा पृथक्करण के फायदे समझाने के निर्देश दिए गए।

मणिकंचन केंद्र के आसपास डंपिंग पर रोक

कलेक्टर ने मणिकंचन केंद्र परिसर तथा उसके आसपास कचरे की अनियंत्रित डंपिंग नहीं होने देने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र में पूर्व से एकत्रित कचरे का भी नियमानुसार एवं उचित प्रक्रिया के तहत उपचार और निस्तारण किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाना स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के लिए बेहद जरूरी है। शहर में स्वच्छता व्यवस्था तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब कचरे के संग्रहण से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक प्रत्येक चरण व्यवस्थित और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो।

स्वच्छता दीदियों की सुरक्षा को प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री महोबे ने मणिकंचन केंद्र में कार्यरत स्वच्छता दीदियों की कार्यस्थल सुरक्षा का भी जायजा लिया। उन्होंने स्वच्छता कार्य में लगे कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्री उपलब्ध कराने तथा उसके नियमित उपयोग को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता दीदियों को ग्लव्स, मास्क सहित आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे और उसका नियमित उपयोग हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वच्छता कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

निरंतर निगरानी से ही सफल होगा स्वच्छता अभियान

कलेक्टर ने नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में स्वच्छता अभियान के तहत शुरू की गई व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण, पृथक्करण, सेग्रीगेशन और उचित उपचार की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मैदानी स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही दिखाई न दे और नागरिकों को बेहतर एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।

नागरिकों और व्यापारियों से सहयोग की अपील

कलेक्टर श्री महोबे ने शहरवासियों एवं व्यापारियों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ शहर केवल प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की जिम्मेदार भागीदारी से ही संभव है।

उन्होंने नागरिकों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को गीले एवं सूखे कचरे के रूप में अलग-अलग रखने तथा निर्धारित कचरा संग्रहण व्यवस्था को ही सौंपने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक कचरा उत्पन्न होने के स्थान पर ही उसका पृथक्करण शुरू कर दे, तो कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाई जा सकती है।

कलेक्टर का यह निरीक्षण शहर की स्वच्छता व्यवस्था को केवल अभियान के रूप में नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी, जनभागीदारी, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा से जोड़कर प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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