.AD

सेंट जेवियर्स स्कूल अकलतरा में छात्र परिषद का शपथ एवं पदभार ग्रहण समारोह सम्पन्न

लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त बनाने का दिया गया संदेश

अकलतरा। सेंट जेवियर्स स्कूल, अकलतरा में लोकतांत्रिक परंपराओं को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से छात्र परिषद के शपथ एवं पदभार ग्रहण समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। हाल ही में विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संपन्न छात्र परिषद चुनाव में निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों ने समारोह में अपने पद एवं दायित्व की शपथ ली।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष इंजीनियर श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी थीं। उनके विद्यालय पहुंचने पर खेल शिक्षक श्री अजय मिरी के नेतृत्व में विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक परेड प्रस्तुत कर भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य श्री संदीप सेनगुप्ता एवं मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

समारोह के दौरान छात्र परिषद के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बैज एवं दायित्व चिह्न प्रदान कर शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर कुमारी पहल जैन (कक्षा 10वीं) को विद्यालय कैप्टन, कृष्णा वाद्यकर (कक्षा 9वीं) को हेड बॉय, वैष्णवी को हेड गर्ल, नितित चतुर्वेदानी को खेल प्रभाग प्रमुख तथा दीक्षांश डहरिया को अनुशासन प्रभाग प्रमुख सहित विभिन्न प्रभागों के प्रतिनिधियों को उनके पद एवं जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्राचार्य श्री संदीप सेनगुप्ता ने कहा कि छात्र परिषद केवल पदाधिकारियों का समूह नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, उत्तरदायित्व और संवैधानिक चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अपनाई गई लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया विद्यार्थियों को चुनाव प्रणाली, जनप्रतिनिधित्व तथा सार्वजनिक दायित्वों की व्यावहारिक समझ प्रदान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सामूहिक सहभागिता ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

मुख्य अतिथि इंजीनियर श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में सरकारी विद्यालय की छात्रा से लेकर अभियंता और जिला पंचायत अध्यक्ष बनने तक के अपने संघर्षपूर्ण जीवन सफर को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम, आत्मानुशासन, आत्ममूल्यांकन तथा शिक्षकों एवं अभिभावकों के मार्गदर्शन ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कभी भी असफलताओं से निराश न हों, बल्कि प्रत्येक दिन स्वयं को पहले से बेहतर बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण शिल्पकार हैं तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सशक्त भारत की नींव है।

कार्यक्रम के अंत में शैक्षणिक समन्वयक श्रीमती प्रमिला सिंह ने मुख्य अतिथि का विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने समारोह की सफलता में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

समारोह के सफल संचालन एवं व्यवस्थापन में श्री अंकुर आदिम सोरी, गतिविधि प्रभारी सुश्री सुरुचा डोमर, सुश्री पूजा शर्मा, सुश्री शांभवी सिंह सेंगर, सुश्री ज्योति विश्वकर्मा, सुश्री ज्योति सिंह, श्री अमृतलाल साहू, श्री मनोहर वैष्णव, सुश्री दर्शना सिंह, सुश्री अलका सोनी, सुश्री धारणी बैरागी, सुश्री शिवांगी, सुश्री वीरू क्षत्रिय, सुश्री किरण जायसवाल, सुश्री सुमति योगे, सुश्री जममता, श्री वेदांत तंबियार सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।

विद्यालय परिसर में आयोजित यह समारोह उत्साह, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, सेवा और जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करते हुए उन्हें भविष्य के सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।


Related Articles