उल्लास कार्यक्रम को लेकर बलौदा में शिक्षा विभाग की बड़ी पहल
एबीईओ पुष्पा कोरी ने दिलाई साक्षरता की शपथ
असाक्षरों को साक्षर बनाने विद्यार्थियों की होगी सक्रिय भागीदारी: 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को मिलेंगे अधिकतम 10 बोनस अंक

बलौदा, 10 अगस्त 2026।
असाक्षरता के खिलाफ अभियान को गति देने और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से सोमवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बलौदा में उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त ग्राम प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) पुष्पा कोरी एवं विकासखंड परियोजना अधिकारी, साक्षर भारत के मार्गदर्शन में उल्लास कार्यक्रम की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और विद्यार्थियों की सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को साक्षरता अभियान से जोड़ा जाए, ताकि वे अपने आसपास रहने वाले असाक्षर लोगों को पढ़ने-लिखने में सहयोग कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से उल्लास कार्यक्रम को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
असाक्षरों को पढ़ाने वाले विद्यार्थियों को मिलेंगे बोनस अंक
बैठक में ग्राम प्रभारियों को जानकारी दी गई कि असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रयासों को प्रोत्साहित करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्धारित प्रावधान के अनुसार 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में अधिकतम 10 बोनस अंक प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इसे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया गया।
एबीईओ पुष्पा कोरी ने ग्राम प्रभारियों से कहा कि वे विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी दें और उन्हें अधिक से अधिक असाक्षरों को साक्षर बनाने के अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में बोनस अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्ग को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
ग्राम प्रभारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
बैठक के दौरान एबीईओ पुष्पा कोरी ने उल्लास कार्यक्रम को गंभीरता और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत चिन्हित असाक्षरों तक पहुंच बनाकर उन्हें नियमित रूप से पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ग्राम प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की गतिविधियों को गति देने, अधिक से अधिक असाक्षरों को साक्षरता अभियान से जोड़ने और विद्यार्थियों को इस सामाजिक अभियान का सक्रिय सहभागी बनाने का आह्वान किया।
शपथ लेकर लिया साक्षरता का संकल्प
बैठक के समापन अवसर पर उपस्थित सभी ग्राम प्रभारियों ने असाक्षरों को साक्षर बनाने और उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने की सामूहिक शपथ ली। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रभारी उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग की यह पहल गांवों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से अब विद्यार्थियों की ऊर्जा और ज्ञान का उपयोग उन लोगों तक शिक्षा पहुंचाने में किया जाएगा, जो किसी कारणवश अब तक औपचारिक शिक्षा से दूर रहे हैं।







