जिले की पहली महिला एपीसी हेमलता शर्मा को ‘उत्कृष्ट समाजसेवी महिला’ सम्मान

जांजगीर-चांपा। जिले के शिक्षा जगत के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब समग्र शिक्षा में कार्यरत एपीसी हेमलता शर्मा को भव्या फाउण्डेशन, जयपुर द्वारा ‘उत्कृष्ट समाजसेवी महिला’ के रूप में सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि हेमलता शर्मा जिले की पहली महिला एपीसी हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है।
हेमलता शर्मा लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके प्रयासों से न केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि अभिभावकों में भी शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी हेमलता शर्मा का कार्य सराहनीय रहा है। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से कई महिलाओं ने शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इन सभी उत्कृष्ट कार्यों को ध्यान में रखते हुए भव्या फाउण्डेशन ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि पूरे जांजगीर-चांपा जिला के लिए गौरव की बात है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद हेमलता शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने भव्या फाउण्डेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस उपलब्धि पर जिले के अधिकारियों, शिक्षकों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने हेमलता शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सम्मान निश्चित रूप से जिले की अन्य महिलाओं और शिक्षा कर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।







