नारद जयंती के अवसर पर कोटमी सोनार के डबरा मठ मंदिर में हुआ कार्यक्रम आयोजित
पत्रकारों का हुआ सम्मान

जांजगीर-चांपा/अकलतरा।
धार्मिक आस्था और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब कोटमी सोनार स्थित श्रीराम जानकी डबरा मठ में नारद जयंती के पावन अवसर पर भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्रद्धा, उत्साह और गरिमा का विशेष वातावरण बना रहा, वहीं क्षेत्र के पत्रकारों को सम्मानित कर उनके योगदान को भी सराहा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत देवर्षि नारद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर अखिल भारतीय संत समिति के केंद्रीय सह संगठन मंत्री महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके सान्निध्य में पूरा आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज ने नारद जयंती के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू धर्म में इस दिवस का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाने वाली यह जयंती देवर्षि नारद के जन्मोत्सव के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नारद मुनि, ब्रह्मा के मानस पुत्र हैं और उन्हें ब्रह्मांड का ‘प्रथम पत्रकार’ कहा जाता है। वे तीनों लोकों में विचरण कर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे, जिससे समाज में संवाद और जागरूकता बनी रहती थी।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पत्रकार सम्मान समारोह रहा, जिसमें अकलतरा एवं आसपास के क्षेत्र के पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट एवं निष्पक्ष पत्रकारिता कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें शाल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। सम्मानित पत्रकारों में श्रीमती सीता टंडन, अविनाश सिंह, सुबोध थवाईत, यशपाल चौबे, मनोज साहू, शैलेन्द्र श्रीवास, हितेश पालीवाल एवं रूपेश कंवर शामिल रहे।


इस अवसर पर वक्ताओं ने पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार समाज का दर्पण हैं, जो सत्य को सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा मिलती है।आयोजन ने जहां धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, वहीं समाज में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी सम्मानपूर्वक उजागर किया।








