विवेकानंद स्कूल ने फिर साबित की अपनी उत्कृष्टता
जांजगीर में प्रतिभा का परचम: नैतिक गौतम और लोकेश राठौर ने रचा इतिहास,

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार जिले के होनहार विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा ई-क्लिक के माध्यम से जारी परिणामों में नैतिक गौतम ने 98 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में 7वां स्थान हासिल किया, वहीं लोकेश राठौर ने 97.67 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में 9वां स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है।
इन दोनों प्रतिभाशाली छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जांजगीर-चांपा जिले को गौरवान्वित किया है। खास बात यह है कि दोनों छात्र विवेकानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, जांजगीर के विद्यार्थी हैं, जिसने एक बार फिर अपनी गुणवत्ता और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रणाली का परिचय दिया है।
विवेकानंद स्कूल: शिक्षा के साथ संस्कार का संगम
जांजगीर का विवेकानंद हायर सेकेंडरी स्कूल लंबे समय से अनुशासन, गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा के लिए जाना जाता है। विद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा भी दी जाती है। अनुभवी शिक्षकों की टीम विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे उनकी प्रतिभा निखरकर सामने आती है।
प्रशासन की ओर से बधाई
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने दोनों छात्रों को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन विद्यार्थियों को अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाया है, वे निराश न हों, बल्कि अपनी कमियों को पहचानकर दोबारा प्रयास करें।
संचालक श्री मनोज पांडे का विशेष वक्तव्य
विद्यालय के संचालक मनोज पांडे ने दोनों छात्रों की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा—
“यह उपलब्धि केवल नैतिक गौतम और लोकेश राठौर की नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत और समर्पण का परिणाम है। हमारे यहां शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अंदर संस्कार, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण विकसित करना है।नैतिक और लोकेश ने अपने अनुशासन, मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया है कि सही दिशा और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। हम सभी छात्रों से अपेक्षा करते हैं कि वे इसी तरह आगे बढ़ते हुए देश और समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
प्रेरणा का स्रोत बनी सफलता
नैतिक गौतम और लोकेश राठौर की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। विवेकानंद स्कूल ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
जिलेवासियों को अब इन होनहार विद्यार्थियों से भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है, जो निश्चित ही प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।








