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प्रशासन की आंख में धूल झोंककर रेत माफिया कर रहे अवैध उत्खनन

आधी रात से सुबह तक चल रहा खेल

जांजगीर-चांपा।

राज्य सरकार द्वारा 11 जून से नदी से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद जिले के चांपा क्षेत्र अंतर्गत घुटिया (कुदरी), गोछियापाली रेत घाट में कथित रूप से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया प्रशासन की आंख में धूल झोंकते हुए प्रतिदिन रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक नदी से रेत निकालकर भारी वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद रात के अंधेरे में ट्रैक्टर, हाईवा और अन्य भारी वाहन घाट तक पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में रेत का उत्खनन कर विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता है। इस गतिविधि के कारण शासन के आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, वहीं प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित रात्रिकालीन गश्त और प्रभावी कार्रवाई की जाए तो इस अवैध कारोबार पर आसानी से अंकुश लगाया जा सकता है। उनका आरोप है कि लंबे समय से यह गतिविधि जारी रहने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान नदी से रेत निकालने पर प्रतिबंध का उद्देश्य नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जलस्तर और जैव विविधता की रक्षा करना होता है। ऐसे में प्रतिबंध के दौरान अवैध उत्खनन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग से मांग की है कि घुटिया (कुदरी) घाट पर संयुक्त रात्रिकालीन अभियान चलाकर अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि शासन के आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।



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