म्यूल अकाउंट गिरोह पर साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा का का एक्शन जारी
5 आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

जांजगीर-चांपा। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने म्यूल बैंक खातों के जरिए होने वाली साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस की जांच में इन म्यूल खातों का संबंध देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 33 साइबर फ्रॉड प्रकरणों से सामने आया है, जिनमें कुल करीब 10 करोड़ 18 लाख 19 हजार 809 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों द्वारा कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते और मोबाइल सिम उपलब्ध कराए गए थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार करीब 66 लाख रुपये से अधिक की ठगी की राशि इन म्यूल खातों में ट्रांसफर हुई है।
साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया। जांच में आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के 33 साइबर फ्रॉड प्रकरणों से इन खातों का कनेक्शन सामने आया।
इस मामले में सत्यनारायण आदित्य, तुषार सिंह राठौर, हरिश कुमार देवांगन, ओम प्रकाश केंवट और मनोज कुमार मांझी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध साइबर थाना जांजगीर-चांपा में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन की बारीकी से जांच करते हुए म्यूल खातों को अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जोड़ना पुलिस टीम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती थी। निरीक्षक भास्कर शर्मा के नेतृत्व में साइबर थाना टीम ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए पांच आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पूछताछ में आरोपियों द्वारा कमीशन के लालच में बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। जांच में एक अन्य संदिग्ध संदीप चंद्रा का नाम भी सामने आया है, जो वर्तमान में बिलासपुर रेंज के साइबर फ्रॉड प्रकरण में केंद्रीय जेल में निरुद्ध बताया गया है। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
खाता किराए पर देना भी बन सकता है अपराध का कारण
साइबर थाना पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी की राशि को होल्ड कराने अथवा वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, सउनि विवेक सिंह, आरक्षक प्रदीप दुबे, चिरंजीव कुमार सहित साइबर थाना जांजगीर-चांपा की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।








