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अब टोल प्लाजा में भी ‘छक्कों’ का आतंक!

पारघाट टोल प्लाजा पर अवैध वसूली के आरोप

वाहन चालकों में बढ़ी नाराजगीजिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

  • पारघाट। बिलासपुर।

टोल प्लाजा पर निर्धारित शुल्क देकर आवागमन करने वाले वाहन चालकों की परेशानी उस समय और बढ़ जाती है, जब उनसे कथित तौर पर निर्धारित राशि से अतिरिक्त रकम की मांग की जाए। पारघाट टोल प्लाजा पर विभिन्न वाहनों से ‘छक्कों’ द्वारा कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद वाहन चालकों में नाराजगी का माहौल है।

वाहन चालकों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली के दौरान कुछ लोगों द्वारा मनमाने तरीके से अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है। उनका कहना है कि निर्धारित टोल शुल्क के अतिरिक्त रकम लिए जाने की स्थिति में उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनावश्यक विवाद और परेशानी का सामना करना पड़ता है।

‘छक्कों’ की कथित वसूली से वाहन चालक परेशान

वाहन चालकों के बीच चर्चा का विषय यह है कि आखिर टोल प्लाजा जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर यदि किसी प्रकार की अनधिकृत वसूली हो रही है, तो इसकी निगरानी कौन कर रहा है? टोल शुल्क की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित होनी चाहिए, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि अतिरिक्त रकम वसूल की जा रही है तो उसका आधार क्या है और इसकी रसीद क्यों नहीं दी जाती? ऐसे सवाल अब पारघाट टोल प्लाजा की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहे हैं।

नियमों के मुताबिक हो वसूली, वाहन चालकों की मांग

वाहन चालकों ने संबंधित विभाग और टोल प्रबंधन से मांग की है कि टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और टोल लेन में होने वाले लेन-देन की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं निर्धारित शुल्क से अधिक राशि तो नहीं ली जा रही।

चालकों का कहना है कि टोल देना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन निर्धारित शुल्क से अधिक राशि देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं होना चाहिए। यदि शिकायतों में सच्चाई पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जांच हुई तो सामने आ सकती है पूरी तस्वीर

पारघाट टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली की शिकायतों को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यदि निष्पक्ष जांच के साथ टोल लेन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, रसीदों और डिजिटल भुगतान का मिलान कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि पारघाट टोल प्लाजा की वसूली व्यवस्था की जांच कराई जाए और यदि अवैध वसूली की शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

अब देखना होगा कि वाहन चालकों की इन शिकायतों पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और क्या पारघाट टोल प्लाजा पर कथित ‘छक्कों’ की वसूली पर रोक लगती है या फिर वाहन चालक इसी तरह परेशान होते रहेंगे।


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