ड्यूटी छोड़ सोशल मीडिया पर 'रिल' बनाने में व्यस्त बिजली कर्मचारी!
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई की मांग
तरौद फीडर क्षेत्र में बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, एई को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की करेंगे मांग

जांजगीर-चांपा/अकलतरा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत तरौद फीडर से जुड़े अमोरा सहित आसपास के गांवों में लगातार बनी बिजली समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारी कुलपति दास मानिकपुरी (लाइनमैन)पर ड्यूटी के दौरान अपने दायित्वों की अनदेखी करने तथा सोशल मीडिया पर फेसबुक और इंस्टाग्राम के लिए रिल (Reels) बनाने में समय बिताने का गंभीर आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होती है और उपभोक्ता समस्या के समाधान के लिए संबंधित कर्मचारी को फोन लगाते हैं, तब उन्हें फोन नहीं उठाने या बार-बार फोन नहीं लगाने की बात कहकर टाल दिया जाता है। आरोप है कि जिस समय कर्मचारी को फॉल्ट सुधार, विद्युत आपूर्ति बहाल करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण करना चाहिए, उस समय वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर रिल बनाने में व्यस्त दिखाई देता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली जैसी अत्यावश्यक सेवा में कार्यरत कर्मचारी से जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यदि वही कर्मचारी अपनी प्राथमिक जिम्मेदारियों को छोड़कर सोशल मीडिया गतिविधियों में अधिक रुचि ले, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
बार-बार की बिजली समस्या से बढ़ी परेशानी
अमोरा एवं तरौद फीडर क्षेत्र के कई गांवों में आए दिन बिजली गुल होने, लो-वोल्टेज, फॉल्ट और लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। किसानों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों तथा घरेलू उपभोक्ताओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समय पर समाधान नहीं मिलने से लोगों का विभाग पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
एई को सौंपेंगे ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे बिजली विभाग के सहायक अभियंता (AE) को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित कर्मचारी के कार्य व्यवहार और लापरवाही की जांच कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर जनआंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।
जनसेवा से जुड़ी जिम्मेदारी निभाने की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली विभाग की सेवाएं सीधे जनता के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों का दायित्व है कि वे उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। सोशल मीडिया का उपयोग व्यक्तिगत विषय हो सकता है, लेकिन सरकारी ड्यूटी के दौरान प्राथमिकता जनता की सेवा और विभागीय जिम्मेदारियों को दी जानी चाहिए।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें बिजली विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।









