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स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस को सौरभ सिंह का जवाब: "जिस योजना पर सवाल उठा रहे, उसी को कांग्रेस सरकार ने दी थी मंजूरी"

रायपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष एवं अकलतरा विधानसभा क्षेत्र के दो बार के पूर्व विधायक सौरभ सिंह ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। फेसबुक पर लाइव प्रसारण के माध्यम से जारी अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि जिस स्मार्ट मीटर योजना का आज कांग्रेस विरोध कर रही है, उसी योजना को कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में मंजूरी दी थी और उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी उसी सरकार के दौरान आगे बढ़ाई गई थी।

सौरभ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 23 सितंबर 2021 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने स्मार्ट मीटर योजना को स्वीकृति प्रदान की थी। इसके बाद 6 जुलाई 2023 को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही टाटा पावर को लगभग 1,744 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया। ऐसे में आज कांग्रेस द्वारा इस योजना पर सवाल उठाना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर पहले से अधिक नियंत्रण और पारदर्शिता मिल रही है।

सौरभ सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ता 'मोर बिजली ऐप' और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से अपनी दैनिक बिजली खपत की जानकारी आसानी से देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी करना सरल हुआ है और उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार बिजली की खपत को नियंत्रित भी कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बिजली विभाग द्वारा लगाए गए 4,500 चेक मीटरों के परीक्षण में स्मार्ट मीटर की रीडिंग पूरी तरह सही पाई गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

अपने संबोधन में सौरभ सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य किसी भी प्रकार का भ्रम फैलाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि जनता को तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।

उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा—

"झूठ नहीं, तथ्य बोलते हैं।

भ्रम नहीं, पारदर्शिता और जनहित हमारी प्राथमिकता है।"

गौरतलब है कि सौरभ सिंह जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके हैं। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से भी नवाजा गया था। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनके इस बयान के बाद स्मार्ट मीटर योजना को लेकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना जताई जा रही है।


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