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JSW महानदी कंपनी लिमिटेड में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई श्रद्धेय ओ. पी. जिंदल 'बाऊजी' की 96वीं जयंती

संघर्ष, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक व्यक्तित्व को किया गया नमन

अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

अकलतरा/जांजगीर-चांपा।

JSW महानदी कंपनी लिमिटेड में शुक्रवार को जिंदल समूह के संस्थापक एवं प्रख्यात उद्योगपति, समाजसेवी तथा जननेता श्रद्धेय श्री ओ. पी. जिंदल 'बाऊजी' की 96वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बाऊजी के संघर्षपूर्ण जीवन, दूरदर्शी नेतृत्व, औद्योगिक विकास, सामाजिक सरोकार एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बाऊजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाऊजी केवल एक सफल उद्योगपति नहीं थे, बल्कि वे ऐसे दूरदर्शी व्यक्तित्व थे जिन्होंने उद्योग को राष्ट्र सेवा, रोजगार सृजन और समाज के समग्र विकास का माध्यम बनाया।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने बताया कि श्रद्धेय श्री ओ. पी. जिंदल का जन्म 7 अगस्त 1930 को हरियाणा के हिसार जिले के नलवा गांव में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम, ईमानदारी, दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी सोच के बल पर भारतीय उद्योग जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। उनका जीवन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि संकल्प और समर्पण के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

कार्यक्रम के दौरान उनके राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। बताया गया कि वे हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहे तथा हिसार विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र के विकास, औद्योगिक प्रगति और रोजगार सृजन को नई दिशा प्रदान की। उनका स्पष्ट विश्वास था कि उद्योगों का विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

वक्ताओं ने कहा कि बाऊजी का व्यक्तित्व उद्योग, समाज सेवा और जनसेवा का अद्भुत संगम था। उन्होंने व्यापार को केवल लाभ कमाने का साधन नहीं माना, बल्कि उसे राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक उत्थान का प्रभावी माध्यम बनाया। यही सोच आज भी जिंदल समूह की कार्यसंस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व की आधारशिला बनी हुई है।

कार्यक्रम में बाऊजी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनकी कार्यशैली अनुशासन, ईमानदारी, कर्मठता और मानवीय मूल्यों पर आधारित थी। उनके विचार आज भी लाखों युवाओं, कर्मचारियों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

इस अवसर पर श्री अश्वनी मित्तल, श्री जितेंद्र त्रिपाठी एवं श्री अभिषेक शर्मा सहित प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने बाऊजी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन श्रद्धेय ओ. पी. जिंदल 'बाऊजी' को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुआ। उपस्थित जनों ने कहा कि बाऊजी का संपूर्ण जीवन यह संदेश देता है कि ईमानदारी, मेहनत, दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण ही स्थायी सफलता और सच्चे राष्ट्र निर्माण का आधार हैं।

बाऊजी के आदर्श, उनके विचार और उनका कर्मयोग आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे तथा भारतीय उद्योग जगत और समाज के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।


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