बिलासपुर में 'कल्चरल मार्क्सवाद' पर होगा मंथन: शिक्षाविदों, मीडिया कर्मियों और बुद्धिजीवियों का जुटेगा संगम
8 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में आयोजित होगा ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र

बिलासपुर। वर्तमान सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिदृश्य में 'कल्चरल मार्क्सवाद' विषय पर गंभीर अध्ययन और सार्थक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कल्चरल मार्क्सवाद अध्ययन समूह, बिलासपुर द्वारा 8 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र (अध्ययन रिपोर्ट) का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में आयोजित होगा।

समाजसेवी श्रीमती गीता सिंह ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में कल्चरल मार्क्सवाद के विभिन्न पहलुओं को समझना शिक्षाविदों, शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं, अधिवक्ताओं, मीडिया कर्मियों तथा कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से अध्ययन समूह द्वारा यह विशेष संवाद एवं अध्ययन सत्र आयोजित किया जा रहा है, ताकि विषय के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों के विचार सामने आएं और सकारात्मक विमर्श को प्रोत्साहन मिल सके।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में माननीय श्री कैलाश चंद्र जी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ प्रांत के वरिष्ठ शिक्षाविद, विचारक एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव और मार्गदर्शन साझा करेंगे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में शिक्षा, कला एवं मनोरंजन, शिक्षा एवं अनुसंधान, मीडिया एवं पत्रकारिता तथा राजनीति एवं सक्रियता जैसे विषयों पर अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। वहीं दूसरे सत्र में प्रश्नोत्तर, विषय-प्रवर्तन, संवाद एवं विमर्श के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।
श्रीमती गीता सिंह ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य किसी एक विचारधारा का समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि विषय के विभिन्न पक्षों को समझते हुए बौद्धिक संवाद को मजबूत करना है। उन्होंने शिक्षाविदों, शोधार्थियों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता कर अपने विचार साझा करने की अपील की है।
आयोजकों का मानना है कि यह वैचारिक संगोष्ठी समकालीन सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श को नई दिशा देने के साथ-साथ बौद्धिक संवाद की परंपरा को भी सशक्त बनाएगी।







