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अकलतरा में जैन मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज का भव्य नगर प्रवेश

गाजे-बाजे के साथ जैन समाज ने किया भव्य स्वागत: चातुर्मास में प्रतिदिन प्रवचन का मिलेगा लाभ

अकलतरा। जांजगीर जिले के अकलतरा नगर में वर्ष 2026 के चातुर्मास हेतु पूज्य जैन मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज का भव्य आगमन हुआ। मुनि संघ के नगर प्रवेश के अवसर पर अकलतरा जैन समाज द्वारा भव्य एवं भक्तिमय स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।

पूज्य मुनि संघ के नगर आगमन की सूचना मिलते ही जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण निर्मित हो गया। नगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे एवं नगरवासी स्वागत यात्रा में शामिल हुए। गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पूज्य मुनि संघ का भावपूर्ण स्वागत करते हुए उन्हें नगर प्रवेश कराया।

भव्य स्वागत यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जैन मंदिर पहुंची, जहां जैन समाज के लोगों द्वारा मुनि संघ का श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ स्वागत-सत्कार किया गया। इस दौरान पूरा नगर धार्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने पूज्य मुनियों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

‘संतों का आगमन नगर के लिए आध्यात्मिक सौभाग्य’ — सौरभ जैन

इस अवसर पर अकलतरा के प्रतिष्ठित नागरिक एवं दैनिक भास्कर के पत्रकार श्री सौरभ जैन ने कहा कि “पूज्य संतों का किसी नगर में आगमन और चातुर्मास प्रवास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों का महापर्व होता है। पूज्य मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज का अकलतरा में चातुर्मास हेतु आगमन हम सभी के लिए अत्यंत सौभाग्य और गौरव का विषय है। उनके सानिध्य और श्रीमुख से निकलने वाले प्रवचनों से निश्चित रूप से समाज को नई दिशा, नई ऊर्जा और आत्मिक शांति प्राप्त होगी।”

उन्होंने आगे कहा कि “आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में संतों के विचार मनुष्य को संयम, सदाचार, अहिंसा और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाते हैं। चातुर्मास के दौरान अकलतरा नगर को प्रतिदिन धर्म और अध्यात्म का लाभ मिलेगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव निश्चित रूप से समाज और नई पीढ़ी पर पड़ेगा। हम सभी को इस पावन अवसर का लाभ उठाते हुए संतों के प्रवचनों को अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए।”

चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन मिलेगा प्रवचन का लाभ

जैन समाज के लिए वर्ष 2026 का चातुर्मास विशेष आध्यात्मिक अवसर लेकर आया है। पूज्य जैन मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज के सानिध्य में अकलतरा नगर में चातुर्मास प्रवास रहेगा। इस दौरान नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं को प्रतिदिन पूज्य मुनि संघ के श्रीमुख से धर्म, अध्यात्म, संयम, सदाचार और जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।

चातुर्मास के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। जैन समाज के साथ-साथ नगर के अन्य श्रद्धालुओं में भी पूज्य मुनि संघ के आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

धर्म और आध्यात्मिकता का केंद्र बनेगा अकलतरा

जैन समाज के लोगों का कहना है कि संतों का सानिध्य समाज और नगर के लिए सौभाग्य का विषय होता है। पूज्य मुनि संघ के चातुर्मास प्रवास से अकलतरा नगर में धर्म, अध्यात्म और संस्कारों का वातावरण और अधिक मजबूत होगा। मुनि संघ के प्रवचन से श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी।

पूज्य मुनि संघ के भव्य नगर प्रवेश के अवसर पर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।


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