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श्रीमद्भागवत एवं शिव महापुराण कथा से भक्तिमय हुआ वातावरण

अकलतरा में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर धर्ममय आयोजन संपन्न

स्व. चिरंजीलाल द्रोपदी देवी अग्रवाल चेरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा किया गया आयोजन

अकलतरा। धार्मिक आस्था, भक्ति एवं सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में आयोजित अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) महाआयोजन का भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में महाप्रसाद भंडारा के साथ सफल समापन हो गया। पूरे आयोजन अवधि में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति, भक्ति रस की अविरल धारा एवं धार्मिक अनुष्ठानों की दिव्यता ने नगर सहित आसपास के क्षेत्र को पूर्णतः धर्ममय बना दिया।

अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित श्री द्वादश रुद्रावतार पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में स्व. चिरंजीलाल द्रोपदी देवी अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस पुण्य अवसर पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत गौरी-गणेश पूजन, पुण्याह वाचन, नंदीमुख श्राद्ध, पीठ पूजन, नित्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन जैसे विविध धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत आयोजन किया गया। वहीं पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं विशेष आराधना ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया।


कार्यक्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण यज्ञ कथा एवं श्री शिव महापुराण कथा का रसपान श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर किया।

पूज्य संत आचार्य श्री तेजभान जी महाराज (पूज्य लाला जी) के श्रीमुख से प्रवाहित कथा अमृत ने श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म, भक्ति एवं मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का गहन संदेश दिया। कथा के दौरान भगवान शिव एवं श्रीहरि की महिमा, सनातन परंपराओं की महत्ता तथा जीवन में धर्म के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रेरणादायी शैली में प्रस्तुत किया गया।


समापन दिवस पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न हुई। इसके पश्चात आयोजित विशाल महाप्रसाद भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भंडारे में भक्तों की भक्ति देखने को मिलीं तथा पूरे वातावरण में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अनुपम दृश्य उपस्थित रहा।


आयोजन समिति एवं ट्रस्ट परिवार के सुरेश, नरेश एवं कैलाश अग्रवाल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले समस्त भक्तों, समाजसेवियों, नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

पूरे आयोजन की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि धर्म और सेवा के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही प्रबल है। महाप्रसाद भंडारा के साथ सम्पन्न हुए इस दिव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर अविस्मरणीय छाप छोड़ी।




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