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जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई: रेत माफियाओं में दहशत का माहौल

जांजगीर-चांपा। जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों, शासन के निर्देशों एवं प्रशासनिक सख्ती के चलते अब पूरे जिले में खनिज विभाग की टीम फुल एक्टिव मोड में नजर आ रही है। विभाग की लगातार दबिश और निगरानी से अवैध कारोबारियों एवं रेत माफियाओं में दहशत की स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन एवं बिना अनुमति परिवहन की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए खनिज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर कई संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा नदी घाटों, परिवहन मार्गों तथा संदिग्ध स्थलों पर लगातार निरीक्षण एवं जांच की जा रही है।

खनिज विभाग की सक्रियता का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिन क्षेत्रों में देर रात एवं सुबह के समय अवैध उत्खनन की गतिविधियां संचालित होती थीं, वहां विभागीय कार्रवाई के भय से गतिविधियों में कमी देखी जा रही है। विभाग द्वारा बिना वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की जांच कर कार्रवाई की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जब्ती, चालानी कार्रवाई एवं वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

सूत्रों की मानें तो विभागीय टीम जिले के ग्रामीण एवं नदी किनारे वाले इलाकों में विशेष नजर बनाए हुए है, जहां अवैध रेत उत्खनन की संभावना अधिक रहती है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभागीय अधिकारी हेलेंद्र स्वर्णपाल का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार खनिज संपदा की सुरक्षा एवं राजस्व संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध रेत उत्खनन या परिवहन की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें।

जिले में खनिज विभाग की लगातार सक्रियता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अवैध रेत कारोबार पर और प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकता है। प्रशासनिक सख्ती के चलते जहां एक ओर शासन को राजस्व हानि रोकने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण एवं नदी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।

फिलहाल, जिलेभर में खनिज विभाग की कड़ी निगरानी और ताबड़तोड़ कार्रवाई ने अवैध रेत कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और रेत माफियाओं में दहशत का माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है।


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