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तेज तर्रार ASP डॉ. यूलैंडन यार्क का डायल-112 के रिस्पांस टाइम को लेकर मास्टर प्लान

अब इवेंट खत्म होते ही फिक्स प्वाइंट पर लौटेंगी ERV

“तेज रिस्पांस ही डायल-112 की असली पहचान: लापरवाही पर होगी कार्रवाई”

जांजगीर-चांपा। जिले में आपातकालीन पुलिस सहायता व्यवस्था डायल-112 को और अधिक तेज, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में तेज तर्रार नव पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क ने कमान संभालते ही एक स्पष्ट और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की है। उनका विशेष फोकस डायल-112 के रिस्पांस टाइम को न्यूनतम करने और आपात स्थिति में नागरिकों तक पुलिस सहायता को जल्द से जल्द पहुंचाने पर है।

पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा के निर्देशन में डायल-112 के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को पुलिस कार्यालय जांजगीर के सभा कक्ष में डायल-112 में ड्यूटीरत कर्मचारियों की विशेष बैठक लेकर व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ERV स्टाफ, GVK ड्राइवर, हाईवे पेट्रोलिंग टीम, DCC प्रभारी एवं GVK मैनेजर मौजूद रहे।

ASP डॉ. यूलैंडन यार्क की स्पष्ट रणनीतिहर मिनट महत्वपूर्ण

बैठक में डॉ. यूलैंडन यार्क ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डायल-112 की सबसे बड़ी ताकत उसकी त्वरित प्रतिक्रिया है। किसी नागरिक द्वारा दुर्घटना, चोरी, मारपीट, विवाद या अन्य आपात स्थिति की सूचना देने के बाद पुलिस सहायता में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देशित किया कि ERV को घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने तथा ASR भरने के बाद तत्काल अपने निर्धारित फिक्स प्वाइंट पर लौटना होगा। इससे अगला इमरजेंसी कॉल प्राप्त होते ही वाहन को बिना समय गंवाए रवाना किया जा सकेगा।

“इवेंट खत्म, तुरंत प्वाइंट पर हाजिर”ERV के लिए नया अनुशासन

ASP डॉ. यूलैंडन यार्क ने ERV स्टाफ को निर्देश दिया कि किसी इवेंट में आवश्यकता से अधिक समय व्यतीत न किया जाए। घटनास्थल पर पहुंचने, आवश्यक कार्रवाई करने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद वाहन को तुरंत अपने फिक्स प्वाइंट पर वापस लाया जाए।

उनकी इस कार्ययोजना का उद्देश्य साफ है—ERV किसी स्थान पर अनावश्यक रूप से खड़ी न रहे और जिले के किसी भी कोने से आने वाली अगली आपात सूचना पर तत्काल रवाना हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी इवेंट में अपेक्षित समय से अधिक देरी होती है तो उसका उचित कारण रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। ERV स्टाफ बिना अनुमति स्वयं से इवेंट तैयार नहीं करेगा तथा निर्धारित प्रक्रिया और निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा।

हाईवे पेट्रोलिंग पर भी विशेष जोर

जिले के प्रमुख मार्गों एवं हाईवे पर त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पेट्रोलिंग टीम को भी विशेष निर्देश दिए गए। दुर्घटना अथवा किसी अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित टीम द्वारा शीघ्रता से मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

डॉ. यूलैंडन यार्क की कार्यशैली में फील्ड रिस्पांस, समय प्रबंधन और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि डायल-112 की मौजूदा कार्यप्रणाली में उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां कुछ मिनटों की बचत भी किसी जरूरतमंद नागरिक के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

जनता से सम्मानपूर्वक व्यवहार भी प्राथमिकता

ASP ने डायल-112 कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आपात स्थिति में मदद मांगने वाले प्रत्येक नागरिक से सम्मानपूर्वक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित या कॉलर को भरोसा दिलाना भी डायल-112 की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि संकट की घड़ी में नागरिक को पुलिस पर भरोसा महसूस हो। त्वरित सहायता, प्रभावी कार्रवाई और सम्मानजनक व्यवहार—डायल-112 की कार्यप्रणाली के प्रमुख आधार बनाए जाएं।

फर्जी कॉल से बचें, जरूरतमंदों के लिए सेवा रखें उपलब्ध

बैठक में डायल-112 पर आने वाले फर्जी एवं अनावश्यक कॉल की भी समीक्षा की गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि डायल-112 का उपयोग केवल वास्तविक एवं आपात परिस्थितियों में ही करें।

अनावश्यक अथवा फर्जी कॉल के कारण पुलिस का समय और संसाधन ऐसे स्थान पर लग सकता है जहां वास्तविक रूप से किसी व्यक्ति को तत्काल सहायता की आवश्यकता हो। इसलिए नागरिक डायल-112 की सुविधा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।

नव पदस्थ ASP की सक्रियता से डायल-112 में दिखेगा बदलाव

तेज तर्रार नव पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क की यह पहल जिले की आपातकालीन पुलिस व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पदभार संभालने के बाद से ही उनके द्वारा फील्ड पुलिसिंग, त्वरित रिस्पांस और जवाबदेही को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है। बता दें कि अकलतरा क्षेत्र के दल्हा पहाड़ में सुरक्षा जिम्मेदारी को बखूबी निभाकर अपराधियों पर नकल कसी गई थी। डायल-112 जैसी सेवा में जहां एक-एक मिनट महत्वपूर्ण होता है, वहां रिस्पांस टाइम को केंद्र में रखकर बनाई गई उनकी कार्ययोजना पुलिसिंग को और अधिक जन-केंद्रित एवं परिणाममुखी बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उनके स्पष्ट निर्देशों से यह संदेश भी गया है कि आपातकालीन सेवा में लापरवाही या अनावश्यक देरी के लिए कोई स्थान नहीं होगा।

जिले की जनता के लिए यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि आने वाले समय में चोरी, सड़क दुर्घटना, मारपीट, महिला सुरक्षा, विवाद अथवा किसी भी अन्य आपात स्थिति में डायल-112 की टीम से पहले से अधिक तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है।

डॉ. यूलैंडन यार्क का यह “रिस्पांस टाइम फोकस” मास्टर प्लान निश्चित रूप से डायल-112 को केवल एक आपातकालीन वाहन सेवा से आगे बढ़ाकर “संकट की घड़ी में सबसे पहले पहुंचने वाली पुलिस सहायता” के रूप में और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।अ


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