बनाहिल, झलमला और पकरिया क्षेत्र में बिजली संकट गहराया, रात भर अंधेरे में रहे कई गांव
बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल, जेई सोनी और एई जांगड़े को हटाने की उठ रही मांग

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत बनाहिल, झलमला, पकरिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से गहराए बिजली संकट ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बिजली गुल रहने से लोगों को भीषण गर्मी, पेयजल संकट और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद विद्युत विभाग समस्या का स्थायी समाधान करने में विफल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। थोड़ी सी तकनीकी खराबी होने पर घंटों नहीं, बल्कि कई-कई घंटे और कभी-कभी पूरे दिन तक बिजली बहाल नहीं हो पाती। इससे किसानों, व्यापारियों, छोटे उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली के कारण बिजली व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जेई सोनी और एई जांगड़े समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिसके कारण क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का दावा है कि शिकायतों के बाद भी समय पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति और उपभोक्ताओं को केवल आश्वासन ही मिलता है।
ग्रामीणों के अनुसार दोनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली और गलत रणनीति के कारण क्षेत्र में संचालित उद्योग-धंधे चौपट हो रहे हैं। बिजली कटौती के चलते मशीनें बंद पड़ी हैं, छोटे व्यवसायों को नुकसान हो रहा है और कई गांवों में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है, क्योंकि अधिकांश जलप्रदाय योजनाएं बिजली पर निर्भर हैं।
गौरतलब है कि पिछले कई सालों से तरोद स्थित सब स्टेशन में चार्जिंग पैनल, रैक इन रैक आउट, सर्किट ब्रेकर, इत्यादि खराब पड़े हुए हैं जिसको लेकर क्षेत्र के लोग कई बार बदलने की मांग कर चुके हैं परंतु इन जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहा।
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली व्यवस्था को लेकर प्रभावी मॉनिटरिंग का अभाव है। समय पर मेंटेनेंस नहीं होने और खराबी दूर करने में अनावश्यक विलंब के कारण उपभोक्ताओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन करने के लिए वे मजबूर होंगे।
बिजली संकट को लेकर अब क्षेत्र में जेई सोनी और एई जांगड़े को वर्तमान कार्यक्षेत्र से हटाने की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति की जाए जो क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सकें।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तत्काल सामान्य किया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को बार-बार इस प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े।








