प्रमुख पर्यटन स्थल शिवरीनारायण मुख्य चौक-चौराहों पर गड्ढों की भरमार: वैकल्पिक व्यवस्था की दरकार
जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल शिवरीनारायण में इन दिनों मुख्य चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति आम नागरिकों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। नगर के प्रमुख चौक-चौराहों पर बड़े-बड़े गड्ढों की भरमार है, लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन गड्ढों से राहत दिलाने के लिए किसी प्रकार की अस्थायी या वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की जा रही है। इससे नगर प्रशासन एवं संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर के मुख्य मार्गों से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। धार्मिक महत्व के कारण यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन नगर में प्रवेश करते ही उन्हें टूटी-फूटी सड़कों और गहरे गड्ढों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों सहित अन्य राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
न मरम्मत, न वैकल्पिक व्यवस्था
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से सड़कें बदहाल हैं, लेकिन न तो उनका स्थायी मरम्मत कार्य कराया गया है और न ही सुरक्षा की दृष्टि से कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर न चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, न बैरिकेडिंग की गई है और न ही गड्ढों को अस्थायी रूप से भरने का प्रयास किया गया है। ऐसे में वाहन चालक अनजाने में गड्ढों में फंसकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि तत्काल सड़क निर्माण संभव नहीं है, तो कम से कम गड्ढों की अस्थायी मरम्मत, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए थे, लेकिन इस दिशा में भी कोई पहल दिखाई नहीं दे रही है।
पर्यटन नगरी की छवि हो रही धूमिल
धार्मिक एवं पर्यटन नगरी के रूप में पहचान रखने वाले शिवरीनारायण की यह स्थिति बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच नगर की छवि को प्रभावित कर रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क व्यवस्था का असर व्यापार, आवागमन और पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
गौरतलब है कि प्रमुख चौक चौराहों से होते हुए बच्चे स्कूल जाते हैं, गड्ढों के वजह से दुर्घटनाओं की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता, समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था भी हो जाए तो स्कूली बच्चों को त्वरित राहत मिल सकती है।
जनता की प्रमुख मांग
नगरवासियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि—
∆मुख्य चौक-चौराहों के गड्ढों की तत्काल गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए।
∆मरम्मत होने तक सुरक्षा के लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं।
∆बरसात के मौसम को देखते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
∆पर्यटन एवं धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए नगर की सड़कों का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण कराया जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे, या फिर आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को बदहाल सड़कों और दुर्घटना के खतरे के बीच ही सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।








