अवैध कारोबार पर जांजगीर पुलिस का शिकंजा
शराब, गांजा तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों में जब्त 65 वाहनों की हुई नीलामी
सरकार को मिले ₹9.24 लाख से अधिक के राजस्व लाभ

जांजगीर-चांपा। जिले में अवैध शराब बिक्री, गांजा तस्करी एवं पशु तस्करी जैसे अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रही जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऐसे मामलों में जब्त एवं राजसात किए गए वाहनों की सार्वजनिक नीलामी कराई। पुलिस लाइन जांजगीर में 17 जून 2026 को आयोजित इस नीलामी में कुल 65 वाहनों का विक्रय किया गया, जिससे शासन को ₹9,24,760 की राजस्व प्राप्ति हुई।
पुलिस द्वारा आबकारी अधिनियम, नारकोटिक्स एक्ट तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों से जब्त किए गए वाहनों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राजसात किया गया था। इसके पश्चात निर्धारित नियमों के अनुरूप इन वाहनों की सार्वजनिक नीलामी आयोजित की गई।
65 वाहनों की हुई नीलामी
नीलामी में कुल 64 अलग-अलग वाहन तथा 10 मोटरसाइकिलों का एक लॉट शामिल था। इनमें—
58 मोटरसाइकिलें
01 ऑटो
04 चार पहिया वाहन
01 साइकिल
तथा 10 मोटरसाइकिलों का एक संयुक्त लॉट
शामिल रहे। नीलामी प्रक्रिया में अंतिम रूप से 07 बोलीकर्ताओं ने भाग लिया और प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से वाहनों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया।
पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई पूरी प्रक्रिया
संपूर्ण नीलामी प्रक्रिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप की अध्यक्षता तथा गठित समिति की उपस्थिति में पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के तहत संपन्न कराई गई। सभी प्रक्रियाओं का विधिवत पालन करते हुए राजसात संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया।
अपराधियों को कड़ा संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और पशु क्रूरता जैसे अपराधों में प्रयुक्त वाहनों को न केवल जब्त किया जा रहा है, बल्कि राजसात कर उनकी नीलामी भी की जा रही है। इससे अपराधियों को कड़ा संदेश मिल रहा है कि गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल की गई संपत्तियों को किसी भी स्थिति में बचाया नहीं जा सकेगा।
राजस्व के साथ अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी पहल
जांजगीर-चांपा पुलिस की यह कार्रवाई केवल अपराधियों के आर्थिक तंत्र को कमजोर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि राजसात संपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से शासन को राजस्व उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि भविष्य में भी अवैध गतिविधियों के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।








