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“संकल्प से सिद्धि” का ऐतिहासिक बजट: छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की नई इबारत

जांजगीर।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत ₹1,72,000 करोड़ के “संकल्प” बजट को लेकर जांजगीर जिले में उत्साह का माहौल है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स जांजगीर इकाई के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने इसे प्रदेश के आर्थिक इतिहास में मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में ठोस कदम है, जिसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जमीन पर उतारा जा रहा है।

बजट को विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रस्तुत किया। चैंबर अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का विस्तार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक ताकत, औद्योगिक क्षमता और सामाजिक समावेशन की नई शुरुआत है।

बजट आकार में ऐतिहासिक वृद्धि

मनोज अग्रवाल ने बताया कि एक समय प्रदेश का बजट लगभग ₹5,700 करोड़ के आसपास था, जो अब बढ़कर ₹1.72 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह लगभग 24 से 30 गुना वृद्धि दर्शाता है। उनके अनुसार, यह वृद्धि सरकार की दूरदर्शी सोच, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और निवेश-अनुकूल नीतियों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यह बजट “संकल्प से सिद्धि” की अवधारणा को साकार करता है, जिसमें समावेशी विकास, आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार सृजन को समान प्राथमिकता दी गई है।

जांजगीर-चांपा को विशेष सौगात

कृषि प्रधान जिला जांजगीर-चांपा के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:

नया मेडिकल कॉलेज: जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा।

कृषक उन्नति योजना: ₹10,000 करोड़ के प्रावधान से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

ब्याज मुक्त ऋण: किसानों को ब्याज मुक्त ऋण और समर्थन मूल्य की राशि सीधे मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

अग्रवाल ने कहा कि इन प्रावधानों से कृषि और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में संरचनात्मक बदलाव आएगा।

उद्योग और निवेश को नई गति

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रयासों की सराहना करते हुए चैंबर अध्यक्ष ने बताया कि:

उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर ₹1,750 करोड़ किया गया है, जो पूर्व की तुलना में लगभग तीन गुना है।

23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना से व्यापार, उत्पादन और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

छत्तीसगढ़ डायस्पोरा (NRI) सम्मेलन के आयोजन से राज्य को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में पहल होगी।

उन्होंने इसे प्रदेश को “ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब” बनाने की रणनीतिक पहल बताया।

शिक्षा और तकनीक में बड़ा निवेश

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों पर भी विशेष बल दिया गया है:

CGIT (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी): बिलासपुर, रायपुर और जगदलपुर में तीन नए संस्थानों की स्थापना से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

IIIT रायपुर: IIIT रायपुर के लिए विशेष अनुदान युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएगा।

इन संस्थानों के माध्यम से राज्य में कुशल मानव संसाधन तैयार होगा, जो उद्योग और आईटी सेक्टर की जरूरतों को पूरा करेगा।

“SANKALP” के सात स्तंभ

मनोज अग्रवाल ने बताया कि यह बजट “SANKALP” के सात स्तंभों पर आधारित है:

S – समावेशी विकास

A – अधोसंरचना

N – निवेश

K – कुशल मानव संसाधन

A – अंत्योदय

L – आजीविका (Livelihood)

P – पॉलिसी से परिणाम तक

उनके अनुसार, यह सातों स्तंभ प्रदेश के व्यापारियों, किसानों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी हैं।

आभार और अपेक्षाएं

अंत में चैंबर अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि “संकल्प” बजट प्रदेश में आर्थिक समृद्धि, निवेश वृद्धि और रोजगार सृजन का नया अध्याय लिखेगा, जिससे जांजगीर-चांपा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार तेज होगी।


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