बहन की स्मृति में भाई ने स्कूली बच्चियों से बंधवाई राखी: जरूरतमंद बच्चों को बांटे रेनकोट और मिठाई
रक्षाबंधन पर अभिजीत सिंह बैस की अनूठी पहल, छात्राओं से राखी बंधवाकर लिया शिक्षा और समाजसेवा का संकल्प

अकलतरा, जांजगीर-चांपा। भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पवित्र रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष एक भावुक और प्रेरणादायी पहल का साक्षी बना। अपनी पूज्यनीय दीदी स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह की स्मृति को संजोए हुए उनके भाई अभिजीत सिंह बैस ने शासकीय गोपिया पारा प्राथमिक शाला, अकलतरा में रक्षाबंधन का पर्व बच्चों के साथ मनाया।
इस अवसर पर प्राथमिक कक्षाओं में अध्ययनरत सभी छात्राओं ने अभिजीत सिंह बैस की कलाई पर राखी बांधी। छात्राओं के स्नेह से अभिभूत अभिजीत ने अपनी दिवंगत बहन की स्मृति में बच्चों के लिए उपयोगी सामग्री भेंट कर इस पर्व को सामाजिक सरोकार से जोड़ दिया।
बारिश के मौसम को देखते हुए अभिजीत सिंह बैस ने विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को रेनकोट एवं मिठाई का वितरण किया। उन्होंने कहा कि बहन की स्मृति में इससे बेहतर श्रद्धांजलि और क्या हो सकती है कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई जाए और उनके जीवन में छोटी-सी उपयोगी मदद पहुंचाई जाए।
पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बच्ची को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अभिजीत सिंह बैस ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जो भी बच्ची अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करेगी, उसे उचित पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इस घोषणा से विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, मेहनत करने और अपने माता-पिता तथा विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
गर्मी में भी जरूरतमंदों तक पहुंचाया था पानी
अभिजीत सिंह बैस की समाजसेवा की यह पहल कोई पहली घटना नहीं है। भीषण गर्मी के दौरान जब बस्ती के कई जरूरतमंद परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे थे, तब उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक पानी पहुंचाने का कार्य भी किया था। जनहित से जुड़े कार्यों में लगातार सक्रिय रहने वाले अभिजीत का मानना है कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना ही मानवता का सबसे बड़ा धर्म है।
रक्षाबंधन के अवसर पर उनकी इस पहल ने पर्व के भावनात्मक संदेश को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ दिया। एक ओर जहां बहनों ने भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधी, वहीं दूसरी ओर भाई ने बहन की स्मृति को समाजसेवा के माध्यम से जीवंत रखने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर अभिजीत सिंह बैस के पिता श्री मदन गोपाल सिंह, जयंत सिंह क्षत्रिय, जयदीप सिंह बैस, लोकेश सिंह चंदेल, राजवीर जायसवाल, सूरज बरेठ सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्कूल स्टाफ उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच रक्षाबंधन का उत्सव उत्साहपूर्ण और भावुक वातावरण में संपन्न हुआ।
स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह की स्मृति में आयोजित यह पहल यह संदेश देती है कि अपनों की स्मृतियों को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि समाज और जरूरतमंदों के हित में किए गए कार्यों के माध्यम से भी जीवंत रखा जा सकता है।








