सहकारी समिति प्रबंधक पोंडीदल्हा को जारी हुआ शो-कॉज: लाखों की निकासी पर उठे रहे गंभीर सवाल
बैंक खाते से निकली रकम और कार्यवाही पंजी के प्रस्तावों में बड़ा अंतर, बिल-वाउचर व भुगतान रिकॉर्ड तलब
जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी

अकलतरा/जांजगीर-चांपा। सेवा सहकारी समिति पोंडीदल्हा में समिति के बैंक खाते से हुई राशि की निकासी और कार्यवाही पंजी में दर्ज प्रस्तावों के बीच अंतर सामने आने के बाद सहकारिता विभाग ने संस्था प्रबंधक भारतेंद्र सिंह सकरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने वर्ष 2023-24 से अब तक की वित्तीय गतिविधियों से संबंधित प्रस्ताव, बिल-वाउचर, कर्मचारियों के वेतन एवं भुगतान सहित विभिन्न दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामला समिति के वित्तीय लेन-देन और उसके अभिलेखों के मिलान के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
दस्तावेजों की जांच में सामने आईं कई आपत्तियां
सहकारिता विभाग द्वारा समिति से वर्ष 2023-24 से अब तक का रिकॉर्ड मांगा गया था। इसके बाद 11 अगस्त को वर्ष 2023-24 और 2025-26 की कार्यवाही पंजी प्रस्तुत की गई। बैंक खाते से हुए लेन-देन का कार्यवाही पंजी में दर्ज प्रस्तावों से मिलान करने पर विभाग ने कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज की और संस्था प्रबंधक से स्पष्टीकरण तथा संबंधित दस्तावेज मांगे।
3.35 लाख रुपये की चार निकासी, पंजी में प्रस्ताव नहीं
जांच के अनुसार अगस्त से अक्टूबर 2023 के बीच समिति के बैंक खाते से चार अलग-अलग बार कुल 3 लाख 35 हजार 190 रुपये की निकासी की गई। विभाग का कहना है कि इन निकासियों की स्वीकृति से संबंधित कोई प्रस्ताव कार्यवाही पंजी में नहीं मिला।
वहीं नवंबर 2023 में धान खरीदी केंद्र पोंडी एवं अमलीपाली के शुरुआती खर्च के नाम पर 2 लाख 25 हजार 306 रुपये निकालने का प्रस्ताव दर्ज है, लेकिन इस राशि के खर्च से संबंधित स्वीकृति और बिल-वाउचर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसको लेकर भी विभाग ने जवाब मांगा है।
17.43 लाख रुपये की निकासी का रिकॉर्ड सवालों के घेरे में
वित्तीय वर्ष 2024-25 में समिति के बैंक खाते से 17 लाख 43 हजार 945 रुपये की राशि निकाले जाने का उल्लेख नोटिस में किया गया है। विभाग के अनुसार संस्था प्रबंधक द्वारा इस अवधि की कार्यवाही पंजी उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उक्त राशि किन प्रस्तावों और किन मदों के आधार पर निकाली गई।
इसी दौरान मार्च 2024 में पोंडी एवं अमलीपाली धान खरीदी केंद्रों के शुरुआती खर्च के लिए 16 लाख 78 हजार 648 रुपये के भुगतान का प्रस्ताव दर्ज है। इसी बैठक में सहायक समिति प्रबंधक-कम-कम्प्यूटर ऑपरेटर को 1 लाख 78 हजार 500 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की मंजूरी का भी उल्लेख है। विभाग ने इस बैठक की कार्यवाही में प्राधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने पर भी आपत्ति दर्ज की है।
वेतन में बदलाव और 3.63 लाख के खर्च का हिसाब भी मांगा
नोटिस में समिति प्रबंधक के वेतन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार पहले समिति प्रबंधक का वेतन 25,350 रुपये प्रतिमाह दर्ज था। सितंबर 2025 की बैठक में इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान करने का प्रस्ताव दर्ज किया गया।
इसी बैठक में अन्य खर्च के नाम पर 3 लाख 63 हजार रुपये निकालने का प्रस्ताव भी दर्ज है, लेकिन विभाग को संबंधित बिल-वाउचर उपलब्ध नहीं कराए गए। नवंबर 2025 में कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य मदों के लिए 2 लाख 65 हजार रुपये तथा दिसंबर 2025 में बिना स्पष्ट मद और औचित्य बताए 2 लाख 70 हजार रुपये निकाले जाने के प्रस्ताव पर भी विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है।
हाजिरी रजिस्टर से लेकर दैनिक वेतनभोगियों का रिकॉर्ड तलब
सहकारिता विभाग ने अप्रैल 2026 में धान खरीदी केंद्रों के प्रशासनिक एवं शुरुआती खर्च के नाम पर निकाली गई राशि से संबंधित दस्तावेज भी तलब किए हैं। इसके साथ ही समिति का हाजिरी रजिस्टर, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सूची, उनके कार्य का विवरण तथा भुगतान से संबंधित बिल-वाउचर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
18 अगस्त को उप पंजीयक के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश
संस्था प्रबंधक भारतेंद्र सिंह सकरवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ 18 अगस्त को उप पंजीयक के समक्ष उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय पर संतोषजनक जवाब अथवा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित सहकारी सोसायटी अधिनियम एवं नियमों के तहत एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पूरे मामले में विभागीय जांच और प्रबंधक के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सामने आई वित्तीय विसंगतियों के पीछे वास्तविक स्थिति क्या है। हालांकि, बैंक खाते से हुई निकासी और कार्यवाही पंजी में दर्ज प्रस्तावों के बीच सामने आए अंतर ने समिति के वित्तीय प्रबंधन एवं अभिलेख संधारण को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।








