JSW महानदी पावर प्लांट के इलेक्ट्रिशियन ओमप्रकाश कैवर्त बने मिसाल
पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प🌳

अकलतरा। पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता के बीच जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र के ग्राम बनाहिल निवासी ओमप्रकाश कैवर्त ने प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है। JSW महानदी पावर प्लांट में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत ओमप्रकाश कैवर्त ने प्लांट के कैंप ऑफिस के सामने 🌳पीपल और बरगद🌳 के पौधों का रोपण कर न केवल हरियाली का संदेश दिया, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया।
पौधरोपण के बाद पौधों को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने स्वयं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की, ताकि पौधों को मवेशियों और अन्य नुकसान से बचाया जा सके। उनका मानना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।
बताया जाता है कि ओमप्रकाश कैवर्त प्रकृति प्रेमी हैं और प्रत्येक वर्ष पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देते हैं। वे पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाते हैं। उनका यह प्रयास पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ ही अन्य लोगों को भी पौधरोपण और संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है।
पीपल और बरगद जैसे वृक्ष भारतीय संस्कृति और पर्यावरण दोनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ये वृक्ष लंबे समय तक जीवनदायी ऑक्सीजन, छाया और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन पौधों का रोपण कर उन्हें सुरक्षित रखने की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है।
ओमप्रकाश कैवर्त का कहना है कि “पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में पौधा लगाने के साथ उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वच्छ पर्यावरण दिया जा सकता है।”
JSW महानदी पावर प्लांट परिसर में किया गया यह पौधरोपण एक कर्मचारी की व्यक्तिगत पहल जरूर है, लेकिन इसका संदेश बेहद व्यापक है। ओमप्रकाश कैवर्त ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पौधा लगाकर यह साबित किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े अभियानों का इंतजार करने के बजाय छोटी-छोटी पहल भी बड़ा बदलाव ला सकती है। उनकी यह पहल निश्चित रूप से “एक पौधा लगाएं, उसे वृक्ष बनाएं और प्रकृति को बचाएं” के संदेश को सार्थक करती है।








