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खेल प्रतिभाओं के स्वागत में जांजगीर की शानदार मेजबानी

राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता: बालिका आवास सहित तमाम व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण, व्यवस्था मिली चुस्त-दुरुस्त

आवासीय व्यवस्थाओं पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा की पैनी नजर

जांजगीर-चांपा। जिले में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे छात्र-छात्राओं के लिए की गई आवासीय एवं मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग पूरी गंभीरता के साथ निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने अधिकारियों के साथ विभिन्न आवासीय स्थलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बाहर से आए प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के लिए की गई व्यवस्थाएं संतोषप्रद एवं सुव्यवस्थित पाई गईं।

जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने प्रमोद तिवारी एवं पी. एल. पाण्डेय के साथ जांजगीर स्थित ज्ञान ज्योति विद्यालय, ज्ञान भारती विद्यालय एवं डीबीएम स्कूल पहुंचकर वहां ठहरे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के प्रतिभागियों से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आवासीय परिसरों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ यह भी देखा कि दूर-दराज के जिलों से आए खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।

बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने बालिकाओं के आवास एवं सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता देते हुए ठहरने के स्थान, कमरों की उपलब्धता, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाली बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो।


औचक निरीक्षण से व्यवस्था में दिखी जिम्मेदारी

जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा द्वारा अचानक किए गए निरीक्षण को शिक्षा विभाग की सक्रिय कार्यशैली और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान आवासीय स्थलों पर व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त मिलने पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिभागियों के ठहरने, भोजन, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित रखने की जानकारी दी गई।


डीईओ अशोक सिन्हा की सक्रिय निगरानी की हो रही सराहना

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आने वाले खिलाड़ियों की मेजबानी के बीच जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा की सक्रियता और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की स्वयं निगरानी करने की पहल की विशेष सराहना की जा रही है। केवल कार्यालय स्तर से व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के बजाय स्वयं आवासीय स्थलों पर पहुंचकर निरीक्षण करना उनकी कार्यशैली में गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रशासनिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।

विशेषकर बालिकाओं के आवास एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देकर व्यवस्थाओं की पड़ताल करना यह दर्शाता है कि जिला शिक्षा अधिकारी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर सजग हैं। उनके औचक निरीक्षण से संबंधित विद्यालय प्रबंधन एवं कर्मचारियों में भी व्यवस्थाओं को लेकर जवाबदेही और तत्परता दिखाई दे रही है।

व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि प्रतियोगिता समाप्त होने तक सभी व्यवस्थाएं इसी तरह व्यवस्थित बनी रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहर से आए किसी भी प्रतिभागी छात्र-छात्रा को आवास, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, भोजन अथवा सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए।

जांजगीर की मेजबानी को बेहतर बनाने में शिक्षा विभाग सक्रिय

राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर जांजगीर-चांपा जिले में उत्साह का माहौल है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे खिलाड़ी जिले की मेजबानी में प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन के साथ उनके ठहरने और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना भी आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा के नेतृत्व में शिक्षा विभाग द्वारा आवासीय स्थलों की लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण से व्यवस्थाओं को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। निरीक्षण में व्यवस्थाएं संतोषप्रद पाए जाने के बाद अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि आगामी दिनों में भी इसी तत्परता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खिलाड़ियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।

कुल मिलाकर, राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में जांजगीर-चांपा की मेजबानी को बेहतर बनाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा की सक्रिय निगरानी और औचक निरीक्षण की पहल शिक्षा विभाग की सजग एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली की मिसाल बनकर सामने आई है।


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