डॉ. देवधर महंत और डॉ अलका यादव ने निभाई निर्णायक की अहम भूमिका
37 प्रतिभागियों ने दिखाया भाषाई कौशल

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के राजभाषा विभाग द्वारा शुक्रवार को क्षेत्रीय हिंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जोनल सभा कक्ष में आयोजित इस प्रतियोगिता में मुख्यालय सहित तीनों मंडलों और दोनों कारखानों में हुए हिंदी आयोजनों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त कुल 37 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक शिवशंकर लकड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के प्रथम सत्र में हिंदी टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन तथा हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। हिंदी निबंध के लिए “सूचना प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा का प्रयोग: उपलब्धियां तथा भावी संभावनाएं” और “पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन की आवश्यकता” विषय निर्धारित किए गए थे।
द्वितीय सत्र में हिंदी वाक् प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई): रोजगार पर मंडराता संकट या अवसर” तथा “प्रशासनिक कार्यों में हिंदी प्रयोग की चुनौतियां” विषय रखे गए। प्रतियोगिता में बिलासपुर नगर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवधर महंत एवं डॉ. अलका यतींद्र यादव ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
हिंदी वाक् प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, समाज और रोजगार के क्षेत्र में हो रहे बदलावों तथा भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। आयोजन का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और कर्मचारियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना रहा।






