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कृषि महाविद्यालय जांजगीर तक पहुंच मार्ग की दयनीय स्थिति

जांजगीर – जिले के कृषि महाविद्यालय, जो इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध एक प्रमुख शैक्षणिक संस्था है और छात्रों को कृषि शिक्षा तथा शोध-प्रशिक्षण प्रदान करता है, के पहुंच मार्ग की खस्ताहाल स्थिति लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। यह मार्ग महाविद्यालय, और आसपास के किसानों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है, लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण छात्रों, कर्मचारियों और किसानों को दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों ने बताया है कि महाविद्यालय तक जाने वाली सड़क पर गड्ढे, उबड़-खाबड़ रास्ते और उचित ढलान एवं नाली का अभाव है, जिससे बारिश के मौसम में यह मार्ग और भी मुश्किल हो जाता है। इन गड्ढों और टूटे-फूटे हिस्सों के कारण वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। इस मार्ग की खराब स्थिति ने शैक्षणिक गतिविधियों, समय की पाबंदी और सुरक्षा दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डाला है, क्योंकि सड़क पर गड्ढों और टूटी सतहों के कारण दुर्घटनाओं का डर बना रहता है।

उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायत के बावजूद सुधार नहीं:

स्थानीय ग्रामीणों और महाविद्यालय के कर्मचारियों ने कहा है कि कई बार उच्च अधिकारियों को इस खराब सड़क की स्थिति के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक ठोस सुधार कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। खराब पहुंच मार्ग के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया है, खासकर उन छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकीय कर्मचारियों के लिए जो रोज इस मार्ग का उपयोग करते हैं।



समस्याओं से दैनिक जीवन प्रभावित


आवागमन में देरी: खराब सड़क के कारण वाहन धीमी गति से चलाने पड़ते हैं, जिससे आवागमन में अतिरिक्त समय लगता है।


सुरक्षा जोखिम: गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है, विशेषकर शाम और बारिश के दौरान।


शैक्षणिक प्रभाव: कई छात्रों और महाविद्यालय स्टाफ ने कहा कि उनकी पढ़ाई और टाइम-टेबल प्रभावित होता है क्योंकि सुबह-शाम रास्ते पर अधिक समय लग जाता है।

हालाँकि छत्तीसगढ़ सरकार और संबंधित विभाग द्वारा ग्रामीण और शैक्षिक मार्गों के सुधार के लिए योजनाएं जारी रहती हैं, जांजगीर कृषि महाविद्यालय के मुख्य मार्ग पर अभी तक कोई ठोस कार्य नहीं देखने को मिला है, जिससे स्थानीय लोग तथा छात्र छात्राए एवं अधिकारी कर्मचारी निराश हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों, छात्रों और किसान समूहों ने प्रशासन से सड़क का पूर्ण रूप से पुनर्निर्माण, उचित नालियों का निर्माण, और नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि शिक्षा-व्यवस्था एवं कृषि-सम्बन्धी गतिविधियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने आशा जताई है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता देंगे और जल्दी ही सुधार कार्य शुरू करेंगे।


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