मानवता की मिसाल बने आरक्षक दिनेश कुमार साहू
सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की डायल 112 को बुलाकर अस्पताल पहुंचाने में की मदद
एसपी विजय कुमार पांडेय की पहल से सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिल रहे प्रोत्साहन से आमजन हो रहे प्रेरित
एएसपी उदयन बेहार बोले— घायलों की सहायता करना सामाजिक जिम्मेदारी

जांजगीर-चांपा। सड़क दुर्घटना के समय किसी घायल व्यक्ति के लिए मदद का बढ़ा हुआ एक हाथ उसकी जिंदगी बचाने में अहम साबित हो सकता है। ऐसे समय में संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय जिम्मेदारी का परिचय देना ही सच्ची जनसेवा है। इसी भावना की मिसाल जांजगीर-चांपा में आरक्षक दिनेश कुमार साहू ने पेश की। उन्होंने सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिरे एक व्यक्ति की मदद के लिए तत्काल पहल करते हुए डायल 112 को बुलाया और घायल को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 की शाम आरक्षक दिनेश कुमार साहू अपने निजी कार्य से जा रहे थे। इसी दौरान जांजगीर स्थित टीसीएल कॉलेज के आसपास एक मोटरसाइकिल सवार अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद घायल व्यक्ति को सहायता की जरूरत थी। ऐसी स्थिति में आरक्षक दिनेश कुमार साहू ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल डायल 112 को सूचना दी और घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उनकी त्वरित पहल से दुर्घटना पीड़ित को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिली।
वर्दी के साथ मानवीय संवेदना की भी जिम्मेदारी
आरक्षक दिनेश कुमार साहू का यह कदम बताता है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों के साथ खड़े रहना भी पुलिस के कर्तव्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में मिलने वाली सहायता घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में बिना देर किए मदद के लिए आगे आना समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।
उनकी इस पहल को पुलिस की जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा है। यह घटना आम नागरिकों के लिए भी संदेश है कि सड़क पर दुर्घटना देखकर अनदेखा करने के बजाय सुरक्षित तरीके से मदद के लिए आगे आना चाहिए।

एसपी विजय कुमार पांडेय की पहल : मददगारों को सम्मान से प्रोत्साहन
जांजगीर-चांपा जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की सहायता करने वाले नेकदिल नागरिकों को सम्मानित करने की पहल भी इसी मानवीय सोच को प्रोत्साहित करती है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को प्रोत्साहन देना है, जो संकट के समय मानवीय संवेदना के साथ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में कई बार लोग पुलिस कार्रवाई, कानूनी प्रक्रिया या अन्य परेशानियों की आशंका से घायल की सहायता करने में हिचकिचाते हैं। ऐसे में मददगारों को सम्मानित करने की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है कि दुर्घटना पीड़ित की सहायता करना प्रशंसनीय सामाजिक कार्य है। आरक्षक दिनेश कुमार साहू की तत्परता भी इसी भावना को मजबूती प्रदान करती है।
एएसपी यातायात उदयन बेहार का संदेश— दुर्घटना पीड़ित की मदद के लिए आगे आएं लोग
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं यातायात प्रभारी उदयन बेहार के अनुसार, सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि दुर्घटना के समय पीड़ित की सहायता करना भी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। पुलिस द्वारा यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए भी लगातार प्रेरित किया जाता है।

उदयन बेहार का संदेश: “सड़क दुर्घटना किसी के भी साथ हो सकती है। ऐसे समय में घायल व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय सुरक्षित तरीके से उसकी सहायता के लिए आगे आना चाहिए। तत्काल डायल 112 या संबंधित आपातकालीन सेवा को सूचना दें और घायल को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाने में सहयोग करें। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, यातायात नियमों का पालन और दुर्घटना पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अनमोल जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस का प्रयास है कि जनजागरूकता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जिम्मेदार सड़क व्यवहार और मानवीय सहायता के लिए प्रेरित किया जाए।”
एक छोटी पहल, समाज के लिए बड़ा संदेश
आरक्षक दिनेश कुमार साहू की यह पहल बताती है कि मानवता दिखाने के लिए किसी पद या विशेष अवसर की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है तो केवल संवेदनशील सोच और समय पर उठाए गए सही कदम की। सड़क पर घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आकर उन्होंने पुलिस की वर्दी के साथ जुड़े सेवा और सुरक्षा के संकल्प को व्यवहार में प्रदर्शित किया।








