स्व. डॉ. दीपमाला सिंह बैस की 36वीं जन्मजयंती पर बच्चों को बांटे दीपक और पटाखे: सेवा कार्य से दी भावभीनी श्रद्धांजलि
धनतेरस एवं दीपावली के पावन अवसर पर भाई अभिजीत सिंह बैस ने पुरानी बस्ती के बच्चों के बीच बांटी खुशियां, बहन की स्मृतियों को किया जीवंत

अकलतरा। धनतेरस और दीपावली का पर्व रोशनी, खुशियों और खुशहाली का प्रतीक है। इन पावन अवसरों पर नगर के प्रतिष्ठित नागरिक मदन गोपाल सिंह बैस की पुत्री स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह बैस की 36वीं जन्मजयंती भावुक स्मृतियों और सेवा भावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके भाई अभिजीत सिंह बैस ने पुरानी बस्ती के बच्चों को दीपक एवं पटाखों का वितरण कर अपनी दिवंगत बहन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह बैस का जन्म दीपावली के पावन दिन अकलतरा स्थित उनके निज निवास में हुआ था। दीपावली के दिन जन्म होने के कारण परिवार ने उनका नाम दीपमाला रखा। परिवार के लिए उनका जन्म किसी आशीर्वाद से कम नहीं था। परिजनों के अनुसार, वे परिवार की खुशियों, स्नेह और समृद्धि का प्रतीक थीं। आज भले ही वे इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें परिवार के प्रत्येक सदस्य के हृदय में आज भी उसी आत्मीयता के साथ जीवित हैं।
उनकी 36वीं जन्मजयंती एवं धनतेरस के शुभ अवसर पर भाई अभिजीत सिंह बैस ने बहन की स्मृतियों को केवल यादों तक सीमित रखने के बजाय जरूरतमंद बच्चों के बीच खुशियां बांटकर उन्हें याद किया। पुरानी बस्ती के बच्चों को दीपक और पटाखे वितरित किए गए। सामग्री पाकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस पहल के माध्यम से परिवार ने यह संदेश दिया कि अपनों की स्मृतियों को सेवा, प्रेम और दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाकर भी जीवंत रखा जा सकता है।

इस अवसर पर परिवार की भावनाएं भी विशेष रूप से सामने आईं। परिजनों ने स्व. डॉ. दीपमाला को याद करते हुए कहा कि, "जो बेटी धनतेरस के पावन अवसर पर जन्म ले, वह सिर्फ बेटी नहीं, बल्कि घर की समृद्धि और खुशियों का आशीर्वाद होती है। आपका जन्म हमारे घर के लिए ईश्वर का अनमोल उपहार था।"
परिजनों ने अपनी प्रिय बेटी एवं बहन को याद करते हुए कहा कि वह जहां भी रहें, दीपावली की रोशनी की तरह सदैव प्रकाशमान रहें। उनकी स्मृतियां परिवार के हृदय में हमेशा एक दीपक की तरह प्रकाशित होती रहेंगी। उनकी जन्मजयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन एवं कोटि-कोटि श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर पिता मदन गोपाल सिंह बैस, अभिजीत सिंह बैस, नितिन सिंह बैस, अंकित सिंह, आर्यन सिंह, दीपक निर्मलकर, अमित सिंह एवं आदित्य सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।









