.AD

पामगढ़ शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत पर बढ़ी हलचल

जांच दल ने दर्ज किए दोनों पक्षों के बयान, अब कार्रवाई का इंतजार

रिटायरमेंट भुगतान के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, आरोपी कर्मचारी ने बताया आरोप निराधार

जांजगीर-चांपा/पामगढ़। जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय पामगढ़ में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक बार फिर शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी पर रिटायरमेंट संबंधी भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायत के आधार पर गठित जांच दल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर टिक गई हैं।

जानकारी के अनुसार, पामगढ़ बीईओ कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी के खिलाफ शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया था कि सेवानिवृत्ति से संबंधित राशि जारी कराने एवं आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई। शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई और मामले की जांच प्रारंभ की गई।

बताया जा रहा है कि जांच दल द्वारा शिकायतकर्ता एवं आरोपी कर्मचारी दोनों को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, जहां दोनों पक्षों के बयान विधिवत दर्ज किए गए। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों को दोहराते हुए दावा किया कि रिटायरमेंट भुगतान से जुड़े कार्यों के लिए उससे रिश्वत की मांग की गई थी, जिससे वह मानसिक एवं प्रशासनिक रूप से परेशान रहा।

वहीं दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए कर्मचारी ने स्वयं पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “पूर्णतः बेबुनियाद और तथ्यहीन” बताया है। आरोपी कर्मचारी का कहना है कि उसके विरुद्ध लगाए गए आरोप वास्तविकता से परे हैं तथा उसे जानबूझकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आवश्यक दस्तावेजी एवं तथ्यात्मक परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।

गौरतलब है कि शासकीय कार्यालयों में रिटायरमेंट, पेंशन एवं भुगतान संबंधी मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिससे आम कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।

फिलहाल, पामगढ़ शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अब सवाल यह है कि क्या शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित होंगे या आरोपी कर्मचारी को जांच में राहत मिलेगी—इसका जवाब जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


Related Articles