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कक्षा में तकनीक कैसे बदल रही है पढ़ाई का तरीका.....शारदा शर्मा

आज हम जिस युग में जी रहे हैं, वह एक आधुनिक समय है। इस समय शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है। पहले जहाँ पढ़ाई केवल श्यामपट (ब्लैकबोर्ड), चॉक, किताबों और अनुशासन तक सीमित थी, वहीं आज शिक्षा का क्षेत्र तकनीकी दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

लेखिका शारदा शर्मा के अनुसार, अब पढ़ाई में स्मार्ट उपकरण, डिजिटल बोर्ड, प्रस्तुतिकरण (पीपीटी) और अन्य डिजिटल साधनों का उपयोग किया जा रहा है। इससे बच्चों को पढ़ाई रोचक लगती है और वे विषयों को सरलता से समझ पाते हैं।

तकनीक से कक्षा बन रही है रोचक

1. डिजिटल बोर्ड

यदि आपने अपने जीवन में श्यामपट देखा है, तो आप डिजिटल बोर्ड को आसानी से समझ सकते हैं। इसे स्मार्ट बोर्ड भी कहा जाता है।

यह एक बड़ी स्पर्श-संवेदनशील स्क्रीन की तरह होता है, जो मोबाइल की तरह कार्य करता है। इसमें चॉक की जगह पेन का उपयोग किया जाता है। इसे हम अपनी उंगलियों से भी चला सकते हैं।

2. प्रक्षेपक (प्रोजेक्टर)

प्रक्षेपक एक ऐसा उपकरण है, जो किसी चित्र, वीडियो या संगणक (लैपटॉप/डेस्कटॉप) की स्क्रीन को बड़े पर्दे या दीवार पर प्रदर्शित करता है।

यह छोटे चित्रों को बड़े आकार में दिखाने के लिए उपयोग किया जाता है, जिससे बच्चे चीजों को आसानी से समझ पाते हैं।

3. संगणक और अंतरजाल (कंप्यूटर और इंटरनेट)

संगणक का क्षेत्र पहले केवल गणना तक सीमित था, लेकिन वर्तमान समय में इसका उपयोग हर क्षेत्र में होने लगा है। शिक्षा भी उनमें से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

संगणक के माध्यम से हर प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकती है और हमारा कार्य भी आसान हो जाता है। किसी भी जानकारी को प्राप्त करने का मुख्य साधन अंतरजाल है, जो शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी है।

अंतरजाल की मदद से बच्चे रोचक तरीके से सीखते हैं और उनका मन पढ़ाई में अधिक लगता है।

इस प्रकार, तकनीक ने शिक्षा के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। अब पढ़ाई केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बन गई है


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