शिक्षा एवं युवा मार्गदर्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु अमित पांडेय नौवीं बार सम्मानित


बिलासपुर। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य, युवाओं के भविष्य निर्माण के प्रति समर्पण और हजारों विद्यार्थियों को सफलता की राह दिखाने वाले जॉब्स काइंड एजुकेशन ग्रुप के संचालक एवं युवा मार्गदर्शक अमित पांडेय को एक बार फिर उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह उनके जीवन का नौवां सम्मान है, जो शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके अथक प्रयासों की सार्थक पहचान माना जा रहा है।
यह सम्मान आज की जनधारा समाचार पत्र द्वारा बिलासपुर के प्रतिष्ठित लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिनमें अमित पांडेय का नाम विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उद्योगपति प्रवीण झा एवं समाजसेवी अनिल टाह उपस्थित रहे। वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वीडियो संदेश के माध्यम से सभी सम्मानित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं के मार्गदर्शन का कार्य समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है तथा ऐसे प्रयास युवाओं को नई दिशा प्रदान करते हैं।
राजकिशोर नगर निवासी अमित पांडेय पिछले लगभग एक दशक से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क ऑनलाइन मार्गदर्शन, प्रेरणादायी परामर्श एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। उनके द्वारा संचालित जॉब्स काइंड एजुकेशन ग्रुप आज प्रदेश के युवाओं के बीच एक विश्वसनीय मंच के रूप में स्थापित हो चुका है, जिससे अब तक 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं।
अमित पांडेय के मार्गदर्शन का प्रभाव उनके विद्यार्थियों की सफलता से स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वर्ष 2024 की सीजीपीएससी परीक्षा में उनके मार्गदर्शन में अध्ययन करने वाले 7 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में 11 अभ्यर्थियों ने सफलता अर्जित की। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके विद्यार्थियों का लगातार चयन हो रहा है। अब तक उनके मार्गदर्शन से 1000 से अधिक अभ्यर्थी शासकीय सेवाओं में चयनित होकर अपने सपनों को साकार कर चुके हैं।
अमित पांडेय का मानना है कि सही दिशा, सकारात्मक सोच और सतत परिश्रम के माध्यम से कोई भी युवा अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। यही कारण है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भी निःस्वार्थ भाव से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उनका यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों विद्यार्थियों के सपनों और संघर्षों की भी पहचान है, जिन्हें उन्होंने सफलता की राह दिखाई है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका निरंतर समर्पण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना उन्हें समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बनाती है।
शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में अमित पांडेय के योगदान को देखते हुए यह सम्मान उनके कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। क्षेत्र के शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक संगठनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार युवाओं का मार्गदर्शन करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की है।







