नरियरा सुशासन तिहार के शिविर में मुलमुला थाना प्रभारी पारस पटेल के सकारात्मक व्यवहार की हुई सराहना
जनसंवाद के दौरान आमजन ने व्यक्त की विभागीय संतुष्टि
व्यवहार कुशलता को बताया भरोसे की बड़ी वजह

जांजगीर-चांपा/अकलतरा/ नगर पंचायत नरियरा
प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार” के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं प्रशासनिक व्यवस्था को जनता के करीब लाने के उद्देश्य से आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासनिक विभागों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसी क्रम में जांजगीर जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत नरियरा में आयोजित शिविर में पुलिस विभाग की ओर से उपस्थित मुलमुला थाना प्रभारी पारस पटेल की सकारात्मक कार्यशैली, सहज व्यवहार एवं जनसंपर्क शैली चर्चा का विषय बनी रही।
शिविर के दौरान जब आमजन से पुलिस व्यवस्था, थाना स्टाफ के व्यवहार एवं विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर संवाद किया गया, तब बड़ी संख्या में लोगों ने मुलमुला थाना क्षेत्र के कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। लोगों का कहना था कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद एवं सहयोग की भावना मजबूत हुई है, जिससे आम नागरिकों में विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है।
इस दौरान थाना प्रभारी पारस पटेल ने भी उपस्थित नागरिकों से खुलकर चर्चा करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली, शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया तथा थाना स्तर पर अपनाई जा रही व्यवहारिक एवं संवेदनशील कार्यसंस्कृति को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जनता के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान करना भी है।
शिविर में मौजूद लोगों ने माना कि जब विभागीय अधिकारी आम नागरिकों से सीधे संवाद करते हैं और उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हैं, तब प्रशासन के प्रति भरोसा और मजबूत होता है। लोगों ने यह भी कहा कि थाना स्टाफ के व्यवहार में सकारात्मकता और जिम्मेदारी की झलक दिखाई दे रही है, जो सुशासन की भावना को मजबूती प्रदान करती है।
सुशासन तिहार जैसे आयोजनों का मूल उद्देश्य भी शासन, प्रशासन और आमजन के बीच दूरी को कम करना है। नरियरा शिविर में पुलिस विभाग की सक्रिय उपस्थिति और संवादात्मक भूमिका ने इस उद्देश्य को सार्थक रूप में सामने रखने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी उभरकर सामने आया कि प्रभावी कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय व्यवहार, संवादशीलता एवं जवाबदेही ही प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक पहचान है, और जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच उपस्थित होते हैं, तब विभागीय विश्वास स्वतः मजबूत होता है।
नगर पंचायत नरियरा में आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक सक्रियता के साथ पुलिस विभाग की सकारात्मक सहभागिता ने आम नागरिकों के बीच संतोष और विश्वास का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।








