अकलतरा थाने में पदस्थ पुलिस आरक्षक पर गंभीर आरोप
मुखबिर को धमकाने और झूठे केस में फंसाने की शिकायत

बिलासपुर/जांजगीर-चांपा।
जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम अकलतरा (खिसोरा) निवासी करनकुमार लहरे ने बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए थाना अकलतरा में पदस्थ एक आरक्षक गोकरण राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रार्थी के अनुसार, उसने दिनांक 9 फरवरी 2026 को अवैध शराब बिक्री की सूचना पुलिस को दी थी, जिस पर कार्रवाई भी हुई। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद संबंधित आरक्षक द्वारा उसे बुलाकर कथित रूप से धमकाया गया। शिकायत में आरोप है कि आरक्षक ने कहा कि यदि वह मुखबिरी (सूचना देना) जारी रखेगा, तो उसे झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा।
करनकुमार लहरे का कहना है कि आरक्षक गोकरण राय ने यहां तक धमकी दी कि “50 लीटर दारू के केस में जेल भिजवा दूंगा” और यह भी कहा कि बिना उसकी अनुमति के कोई भी व्यक्ति उसके क्षेत्र में मुखबिरी नहीं कर सकता। इस प्रकार के कथित बयान से स्पष्ट होता है कि पुलिसकर्मी द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।
प्रार्थी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वह आरक्षक की धमकियों से अत्यंत भयभीत है और आशंका जता रहा है कि भविष्य में उसके खिलाफ झूठी शिकायत कर फंसाया जा सकता है।
निष्पक्ष जांच की मांग
करनकुमार लहरे ने पुलिस महानिरीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी आरक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे भयमुक्त जीवन जीने का अवसर मिल सके।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले में अब तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, शिकायत पत्र पर प्राप्ति की मुहर और तारीख 20 मार्च 2026 दर्ज है, जिससे यह स्पष्ट है कि मामला उच्च स्तर तक पहुंच चुका है।
यह घटना न केवल पुलिस की छवि को प्रभावित करती है, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।







