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समय पर पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अशासकीय विद्यालय संचालक संघ का धरना-प्रदर्शन

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ, जिला जांजगीर-चांपा के तत्वावधान में निजी विद्यालयों के संचालक, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन एवं रैली निकालेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजी बोर्ड) से संबद्ध निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

संघ के अनुसार प्रदेश भर में शैक्षणिक सत्र 16 जून से प्रारंभ हो चुका है, लेकिन विद्यालय खुलने के कई सप्ताह बाद भी विद्यार्थियों को पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। इससे शिक्षक नियमित पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्यापन कार्य नहीं कर पा रहे हैं और विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

संघ ने बताया कि पुस्तक वितरण के संबंध में उन्हें 21 जुलाई को बिलासपुर डिपो बुलाया गया है। यदि उस दिन पुस्तकें प्राप्त भी हो जाती हैं, तो उनके सत्यापन, स्कैनिंग, वर्गीकरण एवं विद्यालयों तक वितरण की प्रक्रिया में कम से कम 10 दिन का अतिरिक्त समय लगेगा। ऐसे में पूरा जुलाई माह केवल पुस्तक वितरण की प्रक्रिया में ही व्यतीत हो जाएगा और विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं हो पाएगी।

पदाधिकारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष वार्षिक परीक्षाओं की समय-सारिणी में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार मार्च माह के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाएं संपन्न कराई जानी हैं। इस स्थिति में जुलाई तक पुस्तकें नहीं मिलने से विद्यार्थियों को प्रभावी रूप से केवल लगभग पांच माह का ही अध्यापन समय मिल पाएगा, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं पाठ्यक्रम पूर्ण कराने के लिए पर्याप्त नहीं है।

संघ का कहना है कि समय पर पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने का सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर, परीक्षा परिणाम एवं भविष्य पर पड़ेगा। निजी विद्यालयों के संचालकों एवं शिक्षकों ने इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।

इसी मांग को लेकर 25 जून गुरुवार प्रातः 10 बजे जांजगीर के जय स्तंभ चौक स्थित सी-मार्ट परिसर के समीप जिले भर के निजी विद्यालयों के संचालक, प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं एकत्र होकर धरना देंगे। इसके पश्चात शहर में रैली निकालते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य शासन एवं संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संघ ने शासन से मांग की है कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक पाठ्यपुस्तकों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।

संघ पदाधिकारियों ने जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों के संचालकों, शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े लोगों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर विद्यार्थियों के हित में अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।



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