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रीवा घटना के विरोध में जैन समाज अकलतरा का विशाल मौन जुलूस, संतों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की उठी मांग

अकलतरा। मध्यप्रदेश के रीवा में घटित घटना के विरोध में धर्म रक्षा, संतों की सुरक्षा एवं न्याय की मांग को लेकर जैन समाज अकलतरा द्वारा एक विशाल एवं अनुशासित मौन जुलूस का आयोजन किया गया। इस दौरान समाजजनों ने एकजुटता, संयम और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाई।

अकलतरा स्थित जैन मंदिर से प्रारंभ हुआ यह मौन जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला। जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा एवं वरिष्ठजन शामिल हुए। समाजजनों ने हाथों में तख्तियां एवं संदेश लिए धर्म की गरिमा, संतों की सुरक्षा और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग को मुखर किया।

मौन जुलूस बजरंग चौक, शास्त्री चौक, पोस्ट ऑफिस मार्ग, आजाद चौक, भगवान परशुराम मार्ग, स्टेशन रोड एवं मस्जिद रोड सहित नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए लगभग 3 किलोमीटर पैदल भ्रमण कर पुनः जैन मंदिर पहुंचा।

जुलूस के समापन उपरांत जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के माननीय राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम एवं तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने रीवा की घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा देशभर में जैन संतों एवं धार्मिक गुरुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन समाज सदैव अहिंसा, शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का अनुयायी रहा है, किंतु संतों और धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी घटनाएं समाज की भावनाओं को गहराई से आहत करती हैं। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि मामले में निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस अवसर पर पूरे आयोजन में अनुशासन, शालीनता और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। नगरवासियों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से निकाले गए इस मौन जुलूस को गंभीरता और सम्मान के साथ देखा। जैन समाज ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि धर्म, संत परंपरा एवं न्याय व्यवस्था के प्रति अपनी चिंता और अपेक्षाओं को लोकतांत्रिक माध्यम से व्यक्त करना है।

कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के अनेक गणमान्यजन, समाज पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने समाज की एकजुटता, धार्मिक आस्था और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का प्रभावशाली संदेश दिया।


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