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नरियरा राशन दुकान में ‘केवाईसी’ के नाम पर अवैध वसूली,

चावल कटौती का आरोप।



गरीबों के पेट पर सीधा वार! शासन की योजना बनी लूट का जरिया

नगर पंचायत नरियरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं और हितग्राहियों से अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अन्नदाता महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित दुकान में धनंजय बरेठ द्वारा केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के नाम पर 100 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि शासन के निर्देशानुसार केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।

केवाईसी के नाम पर खुली वसूली


पीड़ित हितग्राहियों में रानी मरावी और रामप्रसाद केवट ने शिकायत की है कि उनसे केवाईसी अपडेट के नाम पर 100 रुपये लिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह वसूली लगातार की जा रही है और गरीब हितग्राहियों को मजबूर किया जा रहा है।

कम राशन, बिना तौल वितरण

ग्रामीणों का कहना है कि दुकान में राशन वितरण के दौरान न केवल अनाज की मात्रा घटाई जा रही है, बल्कि वजन मशीन से तौल भी नहीं किया जाता।

हितग्राहियों का आरोप है कि—

प्रति कार्ड 15 किलो तक चावल कम दिया जा रहा है

शक्कर और अन्य सामग्री भी कम वजन में दी जाती है

17 रुपये के बदले 20 रुपये वसूले जा रहे हैं

पूछने पर जवाब मिलता है—

“लेना है तो लो, हमारे पास नाप-तौल का समय नहीं है।”

हितग्राहियों की नाराज़गी बढ़ी,

हितग्राही वीरेंद्र बरेठ, रमेश निर्मलकर, सरस्वती केवट, दुष्यंत कुमार कैवर्त्य सहित कई लोगों ने बताया कि दुकान संचालक की मनमानी के कारण उन्हें शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।

जनवरी माह का शेष राशन फरवरी में मांगने पर हितग्राहियों को “भूल जाओ” कहकर लौटा दिया जाता है।


केवाईसी नहीं, ‘कटौती योजना’ चल रही!

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों ने महीनों पहले केवाईसी करा ली है, उन्हें भी पूरा राशन नहीं मिल रहा।

दुकान संचालक का कथित जवाब—

“केवाईसी के बाद दो माह में 35 किलो मिलेगा, बाकी ऊपर से आदेश है।”

अब सवाल यह है कि गरीबों का निवाला रोकने का आदेश आखिर किसका है?

प्रशासन से सीधे सवाल

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—

कटौती किए गए चावल का स्टॉक कहां गया?

कितने हितग्राहियों का राशन रोका गया?

अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?

दोषी दुकान संचालकों पर एफआईआर क्यों नहीं?

आंदोलन की चेतावनी

जनाक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक शिकायत और आंदोलन करेंगे।

खाद्य विभाग के कर्मचारी मनीष अग्रवाल ने पीड़ितों को एसडीएम जांजगीर में शिकायत कर सकते है बोला गया उक्त अधिकारी द्वारा लिखित आदेश पर मै कुछ कर पाऊंगा बोला गया। जो कि आने वाले समय में जानता द्वारा उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है, यह आन्दोलन सड़क पर आने पर प्रशासन की साख पर दाग हो सकता है।


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